
Stock Market Outlook 4 March 2026: पूरे देश में आज बड़े धूम-धाम से होली का पर्व मनाया जा रहा है। सुबह से लोग रंग-गुलाल लेकर एक दूसरे को लगा रहे हैं और होली की शुभकामनाएं दे रहे हैं। इसी बीच, शेयर बाजार के निवेशकों के लिए निगेटिव संकेत मिल रहे हैं। आज, 4 मार्च के कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट दिखने की आशंका जताई जा रही है। दरअसल, अमेरिका, इजरायल की तरफ से ईरान पर किए गए ताबड़तोड़ हवाई हमलों ने ग्लोबल मार्केट्स में खलबली मचा दी है। इसका सीधा असर आज दलाल स्ट्रीट पर दिखने वाला है। होली की छुट्टी के बाद जब आज शेयर बाजार खुलेगा, तो निवेशकों में डर और अनिश्चितता का महौल रहने की आशंका है।
रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड में SVP रिसर्च अमित मिश्रा ने कहा, 'मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने से क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज उछाल आया, जिसने निवेशकों की नींद उड़ा दी। तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने, रुपए पर दबाव और भारत के इम्पोर्ट बिल के बढ़ने का डर हावी हो गया है। अस्थिरता भी काफी बढ़ गई और लोग पोजीशन कम करने में जुट गए।
टेक्निकल नजरिए से देखें तो निफ्टी अब अपने स्विंग लो यानी 24,600 के स्तर के करीब पहुंच गया है। अगर ये लेवल टूट गया तो गिरावट 24,400 तक जा सकती है। ऊपर की तरफ 25,000-25,250 का जोन अभी मजबूत रजिस्टेंस बना हुआ है। कुल मिलाकर वैश्विक अनिश्चितता और अस्थिरता को देखते हुए अभी सतर्क रहना है ठीक रहेगा। पोजीशन छोटी रखें, ज्यादा रिस्क न लें और रिस्क मैनेजमेंट पर पूरा ध्यान दें।'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने एक बयान में कहा कि ईरान पर इस सैन्य कार्रवाई की कोई निश्चित समयसीमा नहीं है। अमेरिकी सेना ने ईरान के नौसैनिक जहाजों, पनडुब्बियों और मिसाइल अड्डों सहित 1700 से ज्यादा ठिकानों को अपना निशाना बनाया है। इस संघर्ष ने निवेशकों के बीच डर पैदा कर दिया है कि अगर यह संघर्ष लंबा खिंचा, तो ग्लोबल सप्लाई चेन पूरी तरह ठप हो सकती है। यही कारण है कि दुनिया भर के शेयर बाजारों में बिकवाली का दौर शुरू हो गया है।
शेयर बाजार में बुधवार के कामकाज के लिए गिफ्ट निफ्टी निगेटिव संकेत दे रहा है। यह निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद लेवल से 550ी अंकों की भारी गिरावट के साथ 24,432 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है। ऐसे में निफ्टी 50 और सेंसेक्स की शुरुआत बड़े गैप-डाउन के साथ हो सकती है।
आज सुबह एशियाई बाजार में बड़ी गिरावट देखी जा रही है। जापान का निक्केई इंडेक्स 2.5% तक लुढ़क चुका है। वहीं, दक्षिण कोरिया के कोस्पी (Kospi) इंडेक्स ने 7.24% की रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई है। निवेशकों को डर है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं, जिससे महंगाई बढ़ेगी और केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती नहीं करेंगे। हांगकांग के बाजारों से भी इसी तरह के कमजोर संकेत मिल रहे हैं।
अगर अमेरिकी शेयर बाजार पर नजर डालें, तो मंगलवार को यहां भी भारी गिरावट दर्ज की गई। डॉव जॉन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 403.51 अंक या 0.83% लुढ़ककर 48,501.27 के लेवल पर बंद हुआ, जबकि S&P 500 इंडेक्स 64.99 अंक या 0.94% टूटकर 6,816.63 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नैस्डैक कम्पोजिट 232.17 अंक या 1.02% की गिरावट के साथ 22,516.69 के लेवल पर बंद हुआ।
अमेरिका, इजरायल और ईरान युद्ध से कच्चे तेल की कीमतें सातवें आसमान पर पहुंच गई हैं। ब्रेंट क्रूड 1.30% बढ़कर 82.46 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स में 1.10% की बढ़ोतरी हुई और यह 75.37 डॉलर पर पहुंच गया। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश तेल इंपोर्ट करता है। ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का मतलब है देश में महंगाई का बढ़ना है।
ग्लोबल लेवल पर बढ़ती अनिश्चितता के बीच निवेशक सुरक्षित निवेश की तरफ भाग रहे हैं। इससे सोने और चांदी की कीमतों में उछाल दर्ज किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के भाव में 1% का उछाल दर्ज किया गया और यह 5,138 डॉलर प्रति औंस के स्तर को पार कर गया। वहीं, चांदी के भाव में भी 1.4% की बढ़ोतरी हुई है। यह 83.27 डॉलर प्रति औंस के भाव पर पहुंच गई।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल केवल जानकारी के लिए है। ऊपर दिए गए विचार और सिफारिशें, व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों के हैं, न कि मिंट के। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से जांच करें।
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