
Stock Market Outlook 12 March 2026: शेयर बाजार में पिछले कुछ दिनों से भारी अस्थिरता का दौर जारी है। बुधवार को सेंसेक्स-निफ्टी लगभग 2 फीसदी टूट गए, जबकि मंगलवार को थोड़ी राहत देखने को मिली थी। कल की गिरावट की मुख्य वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव, तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली है। बुधवार को सेंसेक्स 1,342.27 अंक या 1.71% लुढ़ककर 76,863.71 के लेवल पर बंद हुआ। निफ्टी 50 इंडेक्स 394.75 अंक या 1.63% कमजोर होकर 23,866.85 के लेवल पर बंद हुआ। वहीं, आज यानी 12 मार्च के कारोबार के लिए ग्लोबल मार्केट्स से कमजोर संकेत मिल रहे हैं।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के वेल्थ मैनेजमेंट के रिसर्च हेड सिद्धार्थ खेमका ने कहा, "भारतीय शेयर बाजार में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। यह अस्थिरता मुख्य रूप से पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी-गिरावट और विदेशी निवेशकों के लगातार पैसे निकालने से पैदा हो रही है।"
गुरुवार को गिफ्ट निफ्टी (GIFT Nifty) दलाल स्ट्रीट पर कमजोर ओपनिंग के संकेत दे रहा है। यह निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद लेवल से 104 अंक या 0.44% टूटकर 23794 के लेवल पर कामकाज कर रहा है। ऐसे में आज सेंसेक्स और निफ्टी 50 इंडेक्स में गैप-डाउन ओपनिंग की आशंका है।
एशियाई बाजार में गुरुवार को दबाव देखा गया। अमेरिकी बाजार में कमजोरी के बाद यह ट्रेंड देखने को मिला। साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और अमेरिका-ईरान तनाव के बढ़ने से निवेशकों में डर का माहौल है। जापान का प्रमुख इंडेक्स निक्केई 1.6 फीसदी टूट गया, जबकि टॉपिक्स में 1.34 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.75 फीसदी नीचे आ गया। हांगकांग का हैंग सेंग फ्यूचर्स भी लोअर लेवल पर खुलने का संकेत दे रहा है।
अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई है। डाउ जॉन्स इंडस्ट्रियल एवरेज इंडेक्स 289.24 अंक या 0.61% लुढ़ककर 47,417.27 के स्तर पर बंद हुआ, लेकिन एक समय यह 500 से ज्यादा अंक या 1.1% टूट गया था। वहीं, S&P 500 इंडेक्स 5.69 अंक या 0.08% की गिरावट के साथ 6,775.79 के लेवल पर बंद हुआ। इसके अलावा, नैस्डैक कम्पोजिट 19.03 अंक या 0.084% की गिरावट के साथ 22,716.14 के लेवल पर बंद हुआ। यह गिरावट अमेरिका-ईरान के बीच बढ़त तनाव की वजह से आई।
गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतों में फिर उछाल देखने को मिला है। ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव एक बार फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है। इसका कारण इराक में अपने तेल निर्यात बंदरगाहों पर कामकाज पूरी तरह रोक देना है। वहां दो टैंकरों पर हमला होने के बाद ये फैसला लिया गया। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इराक के बंदरगाहों के निदेशक ने सरकारी न्यूज एजेंसी को बताया कि लोडिंग एरिया में ही इन जहाजों को निशाना बनाया गया। इस हमले से पूरे इलाके में शिपिंग पर खतरे और बढ़ गए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, केवल होर्मुज जलडमरूमध्य ही नहीं, बल्कि आसपास के इलाकों में भी जहाजों की आवाजाही जोखिम भरी हो गई है। होर्मुज जलडमरूमध्य तो लगभग पूरी तरह बंद ही पड़ा है। दूसरी तरफ, अमीर देशों ने रिकॉर्ड मात्रा में इमरजेंसी तेल भंडार से तेल छोड़ा है, जिससे कीमतें कंट्रोल में आ सकें। लेकिन इसके बावजूद तेल के दाम में उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड 7.9 फीसदी तक चढ़कर 99.24 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि WTI क्रूड भी 94 डॉलर के आसपास छू गया।
वहीं, बीते कल अमेरिका में महंगाई के आंकड़ें सामने आए। फरवरी महीने में CPI में 0.3% की बढ़ोतरी हुई, जो जनवरी के 0.2% से थोड़ा ज्यादा है। पिछले 12 महीनों में कुल महंगाई दर 2.4 फीसदी पर टिकी हुई है। ये आंकड़े एक्सपर्ट्स की उम्मीदों के मुताबिक आए हैं।
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने बड़ा ऐलान किया है। अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण मिडिल ईस्ट में तेल की सप्लाई बाधित होने से बाजार में हड़कंप मचा हुआ है। ऐसे में IEA ने अपने सदस्य देशों के इमरजेंसी स्टॉक से रिकॉर्ड 40 करोड़ बैरल तेल बाजार में छोड़ने का फैसला किया है। ये अब तक का सबसे बड़ा रिलीज होगा।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल केवल जानकारी के लिए है। ऊपर दिए गए विचार और सिफारिशें, व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों के हैं, न कि मिंट के। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से जांच करें।
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