Stock Market Outlook on 18 November: सोमवार को भारतीय शेयर बाजार ने जोरदार वापसी की। इस दौरान निफ्टी 26,000 के महत्वपूर्ण लेवल से ऊपर बंद हुआ। दूसरी तिमाही के कॉर्पोरेट नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे, जिससे निवेशकों के सेंटीमेंट में सुधार हुआ। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कमाई में सुधार, मजबूत घरेलू अर्थव्यवस्था और स्थिर नीतिगत समर्थन की वजह से बाजार में तेजी का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है।
निफ्टी टेक्निकल लेवल
LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे ने कहा, 'पिछले कुछ दिनों की कंसोलिडेशन के बाद निफ्टी फिर ऊपर चढ़ गया है। सबसे अच्छी बात ये है कि ये 21 EMA के ऊपर टिका हुआ है, जो शॉर्ट टर्म के लिए बहुत अहम मूविंग एवरेज है। RSI में भी डेली चार्ट पर बुलिश क्रॉसओवर हो चुका है। साथ ही हायर बॉटम बन रहा है, यानी बाजार ऊपर की तरफ जा रहा है।
फिलहाल शॉर्ट टर्म में ट्रेंड मजबूत दिख रहा है और निफ्टी 26,200-26,350 तक जा सकता है। नीचे की तरफ सपोर्ट 25,800 पर है।'
गिफ्ट निफ्टी में गिरावट
मंगलवार को सुबह एशियाई बाजार खुलने से पहले गिफ्ट निफ्टी लगभग 26,001 के लेवल पर ट्रेड कर रहा था। यह निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद से करीब 59 अंकों नीचे है। ऐसे में दलाल स्ट्रीट की शुरुआत आज कमजोर रहने की संभावना हैं। मिलते-जुलते वैश्विक संकेतों का असर बाजार पर देखने को मिल सकता है।
अमेरिकी मार्केट में भी गिरावट
वहीं, अमेरिकी शेयर बाजार में सोमवार को भारी गिरावट देखी गई। खास तौर पर टेक कंपनियों के शेयरों में सेलिंग प्रेशर रहा। निवेशक इस सप्ताह आने वाले Nvidia के तिमाही नतीजों और अमेरिकी जॉब्स रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। इन दोनों आंकड़ों से बाजार की दिशा तय हो सकती है।
बीते कल तीनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 557.24 अंक या 1.18 फीसदी लुढ़ककर 46,590.24 पर बंद हुआ, जबकि S&P 500 इंडेक्स 61.70 अंक या 0.92% टूटकर 6,672.41 पर बंद हुआ। इसके अलावा, नैस्डैक कंपोजिट 192.51 अंक या 0.84% की गिरावट के साथ 22,708.08 पर बंद हुआ।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील
बता दें कि अमेरिका से एक राहत भरी खबर आई है। सरकारी सूत्रों के हवाले से PTI ने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता का पहला फेज फाइनल स्टेज में है। इस डील से ट्रंप प्रशासन की तरफ से लगए गए टैरिफ का मुद्दा हल होने की उम्मीद है। साथ ही अमेरिका की बाजार पहुंच से जुड़ी परेशानियां भी दूर होंगी। अधिकारी ने बताया कि दोनों देशों के बीच बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। जल्द ही पहले चरण का ऐलान हो सकता है। अगर यह डील हो जाती है तो भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत मिलेगी, खासकर उन सेक्टरों को जो अभी हाई टैरिफ की मार झेल रहे हैं।