
Stock Market Crash Causes: भारतीय शेयर बाजार के लिए गुरुवार का दिन किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। पूरे कारोबारी सत्र के दौरान बाजार में भारी बिकवाली हावी रही, जिसके चलते प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी 50 ने अपनी मनोवैज्ञानिक बढ़त खो दी और 26,000 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे जाकर 25,876.85 पर टिका। वहीं, सेंसेक्स भी 780 अंक टूटकर 84,180.96 के स्तर पर बंद हुआ। यह गिरावट केवल बड़े शेयरों तक सीमित नहीं थी, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी करीब 2% तक लुढ़क गए, जिससे निवेशकों के करीब 8 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए।
इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजह ग्लोबल मार्केट से आ रहे नकारात्मक संकेत रहे। रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर अमेरिका की तरफ से 500% तक टैरिफ लगाने के आशंकाओं ने भारतीय निवेशकों को चिंता में डाल दिया। इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने आग में घी का काम किया। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक विदेशी निवेशक बिकवाली नहीं रोकते, बाजार में स्थिरता आना मुश्किल है।
बाजार की इस गिरावट में लगभग हर सेक्टर पस्त नजर आया। सबसे ज्यादा मार मेटल सेक्टर (Nifty Metal 3.40% नीचे) पर पड़ी, जहां मुनाफा वसूली ने शेयरों को नीचे धकेल दिया। BHEL जैसे शेयर तो 8% से भी ज्यादा टूट गए। इसके साथ ही आईटी (IT), एनर्जी और सरकारी बैंकों (PSU Banks) में भी निवेशकों ने जमकर बिकवाली की। हालांकि, इस तूफानी गिरावट के बीच भी डिक्सन टेक्नॉलजीज और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक जैसे कुछ शेयरों ने मजबूती दिखाकर अपनी चमक बनाए रखी।
टेक्निकल एक्सपर्ट्स के अनुसार, निफ्टी का अपनी 50-दिनों की औसत चाल (50 EMA) के नीचे बंद होना एक खतरे की घंटी है। पिछले तीन महीनों में यह पहली बार है जब बाजार इस स्तर के नीचे गया है। अब बाजार के लिए 25,700–25,750 का स्तर एक महत्वपूर्ण सहारा (Support) माना जा रहा है। अगर यह स्तर भी टूटता है, तो निफ्टी 25,550 तक जा सकता है। वहीं, ऊपर की ओर, 26,000–26,050 अब एक बड़ी रुकावट (Resistance) बन गया है। जब तक निफ्टी इसके ऊपर मजबूती से नहीं टिकता, तेजी की उम्मीद कम है।
शेयर बाजार के साथ-साथ कमोडिटी मार्केट में भी सुस्ती रही। घरेलू बाजार (MCX) पर सोना 900 रुपये गिरकर 1,36,950 रुपये के करीब आ गया। रुपये में उतार-चढ़ाव और अमेरिका से आने वाले रोजगार के आंकड़ों के इंतजार में सर्राफा बाजार में भी निवेशकों ने सावधानी बरती। विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में सोना 1,35,000 रुपये से 1,38,000 रुपये के बीच झूल सकता है।
चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग के आकाश शाह और रेलिगेयर ब्रोकिंग के अजीत मिश्रा का मानना है कि फिलहाल बाजार 'वेट एंड वॉच' की स्थिति में है। निवेशकों को सलाह है कि वे जल्दबाजी में खरीदारी न करें और सख्त स्टॉप-लॉस (Stop-Loss) के साथ ही ट्रेड करें। बाजार की गिरावट में भी कुछ शेयरों पर विशेषज्ञों ने भरोसा जताया है। इनमें ABB को 5700 रुपये, फोर्टिस को 1030 रुपये और पेट्रोनेट को 320 रुपये के भाव पर खरीदने की सलाह दी है।
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