
Share market today: भारतीय शेयर बाजार गुरुवार की भारी गिरावट के बाद शुक्रवार, 9 जनवरी को सतर्क अंदाज में खुलने की उम्मीद है। एशियाई बाजारों से मिले-जुले संकेत और ग्लोबल अनिश्चितताओं ने निवेशकों को चौकन्ना कर दिया है। वहीं गिफ्ट निफ्टी शुरुआती रुझानों में हल्की बढ़त दिखा रहा है, जिससे उम्मीद है कि शुरुआती कारोबार में थोड़ी स्थिरता देखने को मिले।
पिछले दिन सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही गहरे लाल निशान में बंद हुए। सेंसेक्स 780 अंक टूटकर 84,180.96 पर बंद हुआ, जो पिछले चार महीनों में सबसे बड़ी एक दिन की गिरावट थी। निफ्टी 50 भी 25,876.85 तक फिसल गया, लगभग 1% की गिरावट के साथ। विदेशी निवेशकों की बिकवाली, रुपये की कमजोरी और ग्लोबल ट्रेड से जुड़ी चिंताओं ने बाजार पर दबाव बढ़ाया।
आज के लिए शुरुआती संकेत पूरी तरह निराशाजनक नहीं हैं। गिफ्ट निफ्टी 26,002.5 के स्तर पर ट्रेड करता दिखा, जो पिछले बंद स्तर से करीब 35 अंक या 0.13% ऊपर है। इससे यह संकेत जरूर मिल रहा है कि बाजार खुलते वक्त गिरावट की रफ्तार थोड़ी थमी हुई हो सकती है।
भारतीय बाजार आज किस दिशा में जाएंगे, इसका काफी हद तक दारोमदार ग्लोबल संकेतों पर टिका है। एशिया से लेकर अमेरिका तक बाजारों का रुख निवेशकों की धारणा को सीधे प्रभावित करता है। ऐसे में नजर डालते हैं कि विदेशी बाजारों में क्या हलचल रही।
शुक्रवार को एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। जापान का निक्केई और टॉपिक्स बढ़त में रहे, जबकि दक्षिण कोरिया के कोस्पी और कोसडैक में कमजोरी दिखी। ऑस्ट्रेलिया का बाजार लगभग सपाट रहा। हांगकांग का हैंग सेंग बेहतर शुरुआत की ओर इशारा करता नजर आया, जिससे एशियाई संकेत पूरी तरह नकारात्मक नहीं कहे जा सकते।
अमेरिकी बाजारों में रातभर अलग-अलग तस्वीर दिखी। Dow Jones Industrial Average मजबूती के साथ बंद हुआ, लेकिन टेक शेयरों से बिकवाली के चलते नैस्डैक दबाव में रहा। एसएंडपी 500 लगभग सपाट रहा, जबकि आईटी सेक्टर सबसे कमजोर साबित हुआ।
अमेरिका और वेनेजुएला से जुड़ी हलचल ने ग्लोबल मार्केट की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिकी सीनेट में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सैन्य शक्तियों को लेकर प्रस्ताव पर चर्चा और वेनेजुएला में हालिया सैन्य गतिविधियों ने निवेशकों को सतर्क किया है। इसका असर तेल बाजार पर भी पड़ा और ब्रेंट क्रूड दो हफ्ते के उच्च स्तर पर पहुंच गया।
सोने की कीमतें अमेरिकी जॉब डेटा से पहले लगभग स्थिर रहीं, जबकि चांदी में तेज गिरावट देखी गई। वहीं अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ है, जिससे उभरते बाजारों की मुद्राओं और इक्विटी पर दबाव बना रह सकता है।
कुल मिलाकर, आज बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। भारतीय बाजार फिलहाल वैश्विक संकेतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर निर्भर हैं। गुरुवार की भारी गिरावट के बाद शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में थोड़ी स्थिरता देखने को मिल सकती है, लेकिन अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों को सतर्क रहना होगा।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। ऊपर दिए गए विचार और सिफारिशें व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों के हैं, न कि मिंट के। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से जांच करें।
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