Stock to Buy: भारतीय शेयर बाजार में बीते हफ्ते की सुस्ती ने कई खुदरा निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, लेकिन बाजार के जानकारों का मानना है कि यह गिरावट घबराने की नहीं, बल्कि समझदारी से खरीदारी करने का सही मौका है। पिछले हफ्ते निफ्टी 50 करीब 0.8% फिसलकर 24,366 के स्तर पर आ गया, वहीं सेंसेक्स में 0.6% की गिरावट रही और यह लगभग 78,000 के पास बंद हुआ। इसके साथ ही पिछले दो हफ्तों से चला आ रहा बढ़त का सिलसिला भी टूट गया।
बाजार में क्यों रही सुस्ती?
बीते कारोबारी हफ्ते में बाजार एक सीमित दायरे 23,800 से 24,400 के बीच कारोबार किया। अमेरिका- ईरान के बीच बढ़ते तनाव, कच्चे तेल के दामों में भारी उतार-चढ़ाव और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड की अनिश्चितता ने घरेलू बाजार के सेंटीमेंट को प्रभावित किया है। हालांकि, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के बेहतर रिजल्ट्स ने बाजार को बड़ा नुकसान झेलने से बचा लिया।
सेक्टोरल दबाव के बीच सतर्क कारोबार का संकेत
इस दौरान मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी दबाव में रहे। ऑटो, मेटल और फार्मा शेयरों में बिकवाली हावी रही, जबकि कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर ने मजबूती दिखाई। India VIX 11.3 के आसपास बना रहा, जिससे पता चलता है कि बाजार में उतार-चढ़ाव सीमित है और कारोबारी बेहद सतर्क रुख अपना रहे हैं।
एक्सपर्ट ने बताए अहम लेवल्स
आनंद राठी के टेक्निकल रिसर्च के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट मेहुल कोठारी के मुताबिक, मौजूदा गिरावट किसी बड़े मंदी का संकेत नहीं है, बल्कि यह एक सामान्य और स्वस्थ सुधार है। उनका कहना है कि निफ्टी का व्यापक स्ट्रक्चर अभी भी मजबूत है।
उन्होंने कहा, "निफ्टी 50 के लिए 24,190 से 24,054 का रेंज बेहद अहम और मजबूत सपोर्ट स्तर है। जब तक यह लेवल सुरक्षित है, हर गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनानी चाहिए। अगर निफ्टी 24,500 के ऊपर टिकता है, तो यह आने वाले हफ्तों में 25,000 के स्तर को भी पार कर सकता है।"
उन्होंने आगे बताया बैंक निफ्टी इंडेक्स सिमेट्रिकल ट्रायंगल पैटर्न बना रहा है, जो किसी भी दिशा में बड़े ब्रेकआउट का संकेत देता है। अगर यह 58,000 के पार जाता है, तो 59,000 से 59,500 तक की तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं, नीचे की तरफ 57,000 का स्तर अहम सपोर्ट बना हुआ है।