इन दो नीतिगत फैसलों से शुगर स्टॉक्स में बूम, 15% तक चढ़ा शेयरों का भाव

सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय ने एक जनहित याचिका (PIL) को रद्द करते कर दिया। इस याचिका में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिक्स पेट्रोल के रोलआउट को रोकने की मांग की गई थी। 

Shivam Shukla
अपडेटेड2 Sep 2025, 01:29 PM IST
इन दो नीतिगत फैसलों से सुगर स्टॉक्स में बूम
इन दो नीतिगत फैसलों से सुगर स्टॉक्स में बूम

Why Sugar Stocks Rise Today: शेयर बाजार में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन उछाल देखा जा रहा है। इस बीच, शुगर स्टॉक्स में जमकर खरीदारी देखने को मिली है। राजश्री शुगर, बलरामपुर चीनी मिल्स और अन्य चीनी स्टॉक्स 14% तक की बढ़ोतरी हासिल किए हैं। चीनी कंपनियों के शेयरों में तेजी की वजह दो बड़े नीतिगत फैसले हैं। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इथेनॉल के मिश्रण वाले पेट्रोल को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया। इसके अलावा, सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए गन्ने के रस, सिरप और गुड़ से इथेनॉल प्रोडक्शन पर लगे बैन को भी हटा दिया है। इन दो नीतिगत फैसलों की वजह से आज इन कंपनियों के शेयरों में तूफानी तेजी दर्ज की जा रही है।

सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका

सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय ने एक जनहित याचिका (PIL) को रद्द करते कर दिया। इस याचिका में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिक्स पेट्रोल के रोलआउट को रोकने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता ने अदालत से मांग की थी कि इस फ्यूल से लाखों गाड़ियों को नुकसान हो सकता है, इन गाड़ियों के इंजन इस प्रकार के ईधन के लिए तैयार नहीं हैं। लेकिन चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) बी आर गवई की बेंच ने सरकार के फैसले का समर्थन करते हुए इस याचिका को खारिज कर दिया।

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शीर्ष अदालत ने कही ये बातें

कोर्ट ने यह भी साफ किया कि इंजन की अनुकूलता और जागरूकता जैसे मुद्दे नीति निर्माताओं और वाहन निर्माताओं के दायरे में हैं, न कि इस कार्यक्रम को रोकने का आधार। इस फैसले का मतलब है कि अब उपभोक्ताओं के पास इथेनॉल-मुक्त पेट्रोल का विकल्प नहीं होगा, जो इथेनॉल उद्योग के लिए बड़ी जीत है। शीर्ष अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान साफ किया कि इंजन की अनुकूलता और जागरूकता जैसे मुद्दे पॉलिसी बनाने वाले और व्हीकल मैन्युफैक्चरर के दायरे में हैं, न कि इस प्रोग्राम को रोकने का आधार।

सरकार ने हटाया बैन

वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए गन्ने के रस, सिरप और गुड़ और इथेनॉल प्रोडक्शन पर लगे बैन को हटा दिया है। अब चीनी और डिस्टिलरीज बिना किसी मात्रात्मक सीमा के इथेनॉल बना सकेंगी। इससे सुगर प्रोड्यूसर्स को अधिक गन्ने का इस्तेमाल करने और मुनाफा बढ़ाने का मौका मिलेगा। सरकार की ओर से जारी नॉटिफिकेशन के मुताबिक, चीनी मिलों और डिस्टिलरीज को 2025-26 के दौरान गन्ने के रस, सुगर सिरप, बी हैवी गुड़ और सी हैवी गुड़ से इथेनॉल प्रोडक्शन की पूरी छूट होगी।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। ऊपर दिए गए विचार और सिफारिशें व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों के हैं, न कि मिंट के। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से जांच करें।

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