Tata Motors PV Share: टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के शेयरों में आज बड़ी हलचल देखने को मिली। इसके शेयर 5% से ज्यादा लुढ़क गए। इस भारी बिकवाली के पीछे की मुख्य वजह ब्रिटेन स्थित इसकी लग्जरी यूनिट जगुआर लैंड रोवर (JLR) के सॉलिहुल प्लांट में कामकाज ठप होने की खबरें हैं। दरअसल, टाटा मोटर्स के कुल रेवेन्यू में JLR की हिस्सेदारी लगभग 70% है। ऐसे में वहां होने वाली छोटी हलचल भी भारतीय निवेशकों की चिंता बढ़ा देती है।
दो हफ्ते के लिए प्रोडक्शन रुका
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, JLR ने अपने सॉलिहुल प्लांट में कुछ चुनिंदा व्हिकल्स लाइपअप के प्रोडक्शन को दो सप्ताह के लिए रोक दिया है। बताया जा रहा है कि एक सप्लायर से जुड़ी तकनीकी समस्या और पुर्जों की कमी की वजह से कंपनी को यह कड़ा कदम उठाना पड़ा है। खास बात यह है कि यह ईस्टर की पूर्व-निर्धारित छुट्टियों के साथ मेल खा रही है। इस शटडाउन का सीधा असर रेंज रोवर और रेंज रोवर स्पोर्ट्स जैसे प्रीमियम मॉडल्स के प्रोडक्शन पर पड़ेगा। ये गाड़ियां कंपनी के मुनाफे के लिहाज से भी सबसे महत्वपूर्ण हैं।
पिछले साल साइबर हमले का शिकार हुई थी कंपनी
बता दें कि JLR के लिए मुश्किलें नई नहीं हैं। पिछले साल सितंबर 2025 में कंपनी एक बड़े साइबर हमले का शिकार हुई थी, जिसने इसके पूरे ऑपरेशन को हिलाकर रख दिया था। स्कैटर्ड लैप्सस हंटर्स नाम के हैकर ग्रुप ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी। इस हमले ने JLR की वित्तीय सेहत पर संकट खड़ा कर दिया है। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी ने £1.8 बिलियन का मुनाफा कमाया था, लेकिन साइबर हमले से होने वाले नुकसान का अनुमान £2 बिलियन लगाया गया। यानी एक झटके में कंपनी का पूरे साल का मुनाफा साफ होने की कगार पर है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि कंपनी के पास साइबर बीमा सुरक्षा भी नहीं थी, जिसने इस वित्तीय बोझ को और बढ़ा दिया।
टाटा मोटर्स पैसेंजर्स व्हीकल्स शेयर प्रदर्शन
शुक्रवार को टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के शेयर 5 फीसदी से ज्यादा लुढ़ककर 301.10 रुपये के निचले स्तर पर पहुंच गए। इसके शेयर पिछले कुछ महीने से दबाव में हैं। 1 महीने के दौरान इनमें 17% की बड़ी गिरावट आई है, जबकि एक साल में 25% का नुकसान हुआ है।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल केवल जानकारी के लिए है। ऊपर दिए गए विचार और सिफारिशें, व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों के हैं, न कि मिंट के। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से जांच करें।