N Chandrasekaran Resigns: भारत के सबसे भरोसेमंद और बड़े कॉरपोरेट ग्रुप में से एक टाटा ग्रुप (Tata Sons) के टॉप लीडरशिप से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने आज, 12 अगस्त को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, वे अपना मौजूदा कार्यकाल पूरा करेंगे और इसके बाद दोबारा इस पद पर नहीं रहेंगे। इस खबर के सामने आने के बाद शेयर बाजार में टाटा ग्रुप के शेयरों में गिरावट देखी जा रही है।
एन चंद्रशेखरन ने क्यों दिया इस्तीफा?
दअसरल, इस पूरे विवाद की शुरुआत इसी साल फरवरी में हुई थी। टाटा संस की बोर्ड मीटिंग में चंद्रशेखरन को अगले पांच साल के लिए दोबारा चेयरमैन बनाने का प्रस्ताव रखा गया था। सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट ने सर्वसम्मति से उनके नाम की सिफारिश की थी। लेकिन, टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा के विरोध और असहमति के कारण यह फैसला टल गया। नोएल टाटा चाहते थे कि ग्रुप के बढ़ते कर्ज को कम किया जाए, टाटा संस की लिस्टिंग रोकी जाए और शापूरजी पालोनजी ग्रुप के साथ जारी मतभेदों को सुलझाया जाए।
इस्तीफे पर चंद्रशेखरन ने क्या कहा?
पूर्ण सहमति न मिलने पर चंद्रशेखरन ने खुद इस फैसले को टालने का सुझाव दिया था। लगभग 6 महीने के बाद भी जब कोई सहमति नहीं बन सकी, तो चंद्रशेखरन ने दूरदर्शिता दिखाते हुए यह कड़ा कदम उठाया है। उनका कहना है कि इतने बड़े ग्रुप में स्पष्ट नेतृत्व का होना बेहद जरूरी है, जिससे कर्मचारियों, निवेशकों और व्यापारिक साझेदारों के बीच अनिश्चितता न रहे।
टीसीएस सहित प्रमुख स्टॉक्स में 4% तक की गिरावट
चंद्रशेखरन के इस्तीफे की खबर बाहर आते ही भारतीय शेयर बाजार में हलचल मच गई। टाटा ग्रुप की प्रमुख कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस (TCS) का शेयर लगभग 4% तक गिर गया, जबकि जगुआर लैंड रोवर की मूल कंपनी टाटा मोटर्स और टाटा कंज्यूमर के शेयरों में भी गिरावट देखी गई। इसके अलावा टाइटन और टाटा स्टील जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयर भी 2% तक टूट गए।
1987 से था टाटा ग्रुप का साथ
गौरतलब है कि एन चंद्रशेखरन साल 1987 में टाटा ग्रुप से जुड़े थे। उन्होंने 2009 में TCS के CEO का पद संभाला और 2017 में उन्हें टाटा संस का चेयरमैन बनाया गया। वे इस ग्रुप का नेतृत्व करने वाले पहले ऐसे व्यक्ति थे, जो फाउंडर फैमिली से नहीं आते थे। स्वर्गीय रतन टाटा ने खुद उन्हें इस जिम्मेदारी के लिए चुना था।