
मुंबई: देश की दिग्गज कंपनी टाटा संस ने फाइनेंशियल ईयर 2026-27 की पहली तिमाही का रिजल्ट जारी कर दिया है। ग्रुप ने अनिश्चितताओं और ग्लोबल चुनौतियों के बावजूद शानदार प्रदर्शन किया है। रिपोर्ट की गई तिमाही के लिए टाटा संस का नेट प्रॉफिट 21.8 प्रतिशत की बढ़त के साथ 31,961 करोड़ हो गया, जबकि कंपनी का रेवेन्यू 9.1 फीसदी बढ़कर 42,367 करोड़ दर्ज किया गया। मजबूत फाइनेंशियल रिजल्ट्स के साथ ही टाटा संस के बोर्ड ने अपने शेयरधारकों के लिए डिविडेंड का भी ऐलान किया है। कंपनी ने प्रति शेयर 1,10,717 के भारी-भरकम डिविडेंड की सिफारिश की है। हालांकि, इस रिकॉर्ड मुनाफे और बंपर डिविडेंड के बीच एयर इंडिया के बढ़ते घाटे ने ग्रुप की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन शेयरधारकों को लिखे अपने एनुअल लेटर में ग्रुप की फाइनेंशियल हेल्थ को लेकर गहरा संतोष जाहिर किया है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2026 में ग्रुप ने हर मोर्चे पर ठोस प्रगति की है। अगर पूरे टाटा ग्रुप के स्तर पर देखें, तो कुल रेवेन्यू 7.8 प्रतिशत बढ़कर 16.24 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जबकि कुल नेट प्रॉफिट 51.9 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1.71 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
चंद्रशेखरन ने आगे कहा कि पिछले छह सालों में ग्रुप का आकार और वित्तीय ताकत अभूतपूर्व तरीके से बढ़ी है। वित्त वर्ष 2020 के मुकाबले ग्रुप का रेवेन्यू 2.1 गुना और मुनाफा 5.4 गुना हो चुका है। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि समूह की रणनीतिक बदलाव और कायाकल्प की कोशिशें सही दिशा में हैं।
चंद्रशेखरन ने टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, टाटा डिजिटल, एयर इंडिया और एग्राटस जैसे नए कारोबार की प्रगति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि टाटा ग्रुप लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट पर भरोसा करता है और आज जिन संस्थानों की नींव रखी जा रही है, वे भविष्य में देश के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे। उन्होंने कहा कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स देश की पहली एकीकृत इलेक्ट्रॉनिक्स मूल्य श्रृंखला कंपनी बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। केवल चार सालों में इसका रेवेन्यू 1,31,082 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसके 86,466 कर्मचारियों में लगभग दो-तिहाई महिलाएं हैं। कंपनी का परिचालन लाभ, खर्च के स्तर पर पहुंच चुका है। साल 2025 में दुनिया की टॉप स्मार्टफोन कंपनी की तरफ से मैन्युफैक्चर्ड कुल मोबाइल फोन के लगभग 12 प्रतिशत का मैन्युफैक्चरिंग टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने किया।
चंद्रशेखरन ने कहा कि सेमीकंडक्टर आज के दौर का नया स्टील हैं। मोबाइल फोन, व्हीकल्स, एयरक्राफ्ट, हॉस्पिटल, पावर ग्रिड और एआई सिस्टम सभी चिप पर निर्भर हैं। उन्होंने कहा कि भारत को प्रौद्योगिकी आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए घरेलू सेमीकंडक्टर विनिर्माण क्षमता विकसित करनी होगी। टाटा डिजिटल के बारे में उन्होंने कहा कि कंपनी ने बदलते ई-कॉमर्स मार्केट के मुताबिक खुद को ढालना शुरू कर दिया है। जल्द सामान पहुंचाने वाली यूनिट्स की बढ़ती डिमांड के अनुसार बिगबास्केट अपने कारोबार में बदलाव कर रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में टाटा डिजिटल को 4,974 करोड़ रुपये का घाटा हुआ, लेकिन चार सालों में कंपनी का सकल वस्तु मूल्य (जीएमवी) बढ़कर 46,515 करोड़ रुपये हो गया है।
एयर इंडिया के बारे में चंद्रशेखरन ने कहा, ''एयरलाइन का पुनर्निर्माण लंबी अवधि की प्रक्रिया है। इसमें बेड़े का आधुनिकीकरण, कर्मचारियों का प्रशिक्षण, सेवाओं में सुधार और नेटवर्क का विस्तार शामिल है। इतिहास की हर बड़ी एयरलाइन को खड़ा होने में दशकों का समय लगा है....। एयर इंडिया के परिवर्तन की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।'' उन्होंने बताया कि ग्रुप की बैटरी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट एग्राटस इलेक्ट्रिक वाहन और ऊर्जा भंडारण के लिए उच्च गुणवत्ता वाली बैटरियों के विकास और विनिर्माण पर काम कर रही है, जो समूह की ऊर्जा परिवर्तन रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
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