Stock Market Outlook: टैरिफ पर US कोर्ट के फैसले के बाद भारतीय शेयर बाजार में हलचल की उम्मीद! सोना-चांदी भी होगा महंगा?

Stock Market Outlook: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ फैसले और नए 10% ग्लोबल टैरिफ ऐलान के बाद भारतीय बाजारों में हलचल की उम्मीद है। शेयर बाजार में सकारात्मक शुरुआत संभव है, जबकि अनिश्चितता के चलते सोना-चांदी में भी मजबूती देखी जा सकती है।

Priya Shandilya( विद इनपुट्स फ्रॉम लाइवमिंट.कॉम)
अपडेटेड21 Feb 2026, 02:13 PM IST
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ फैसले के बाद शेयर बाजार और सोना-चांदी की कीमतों में क्या बदलने वाला है?
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ फैसले के बाद शेयर बाजार और सोना-चांदी की कीमतों में क्या बदलने वाला है?

Stock Market Outlook: अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के रेसिप्रोकल टैरिफ को रद्द कर दिया। लेकिन फैसले के कुछ ही घंटों बाद ट्रंप ने सभी देशों पर 10% ग्लोबल टैरिफ लागू करने का ऐलान भी कर दिया। अब असली सवाल यह है कि इन घटनाक्रमों का असर भारतीय शेयर बाजार, सोने और चांदी की कीमतों पर क्या पड़ेगा? सोमवार को जब बाजार खुलेगा, तो हलचल तय मानी जा रही है।

दलाल स्ट्रीट पर सोमवार को गैप-अप की उम्मीद?

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट का फैसला भारतीय निर्यातकों के लिए राहत भरा माना जा रहा है। इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत लगाए गए टैरिफ से भारत के 50 अरब डॉलर से ज्यादा के निर्यात प्रभावित हुए थे। खासकर टेक्सटाइल और जेम्स जैसे लेबर-इंटेंसिव सेक्टर दबाव में थे।

SMC ग्लोबल सिक्योरिटीज की सीनियर रिसर्च एनालिस्ट सीमा श्रीवास्तव का कहना है कि इस फैसले से 18% रेसिप्रोकल टैरिफ प्रभावी रूप से हट गया है। अब भारत के करीब 55% निर्यात पर सिर्फ 10% टैरिफ लागू होगा। इससे शेयर बाजार में पॉजिटिव सेंटीमेंट बन सकता है।

गिफ्ट निफ्टी दे रहा है क्या संकेत?

जब ये घटनाएं हुईं तब भारतीय बाजार बंद थे, लेकिन गिफ्ट निफ्टी ट्रेड कर रहा था। निफ्टी 50 जहां 25,571 पर बंद हुआ, वहीं गिफ्ट निफ्टी फरवरी एक्सपायरी के लिए 25,764 पर बंद हुआ, करीब 200 अंक ऊपर। SEBI-रजिस्टर्ड एनालिस्ट अविनाश गोरक्षकर के मुताबिक यह संकेत देता है कि सोमवार को बीएसई सेंसेक्स 500 अंकों से ज्यादा की तेजी के साथ खुल सकता है। यानी शुरुआत पॉजिटिव रह सकती है।

कुछ सेक्टर्स पर बना रहेगा दबाव

SS WealthStreet की फाउंडर सुगंधा सचदेवा बताती हैं कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला सेक्टर-विशेष टैरिफ पर लागू नहीं होता। स्टील, एल्युमिनियम, ऑटोमोबाइल, सेमीकंडक्टर जैसे रणनीतिक उत्पादों पर लगाए गए शुल्क अभी भी प्रभाव में हैं। इसका मतलब यह है कि कुछ इंडस्ट्रीज को राहत मिलेगी, लेकिन सभी को नहीं।

क्या और महंगा होगा सोना-चांदी?

SS WealthStreet की फाउंडर सुगंधा सचदेवा के मुताबिक, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने ग्लोबल ट्रेड पॉलिसी को लेकर फिर से अनिश्चितता बढ़ा दी है। एक तरफ कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ को झटका दिया, तो दूसरी तरफ ट्रंप ने 10% अतिरिक्त ग्लोबल टैरिफ लागू करने का ऐलान कर दिया। इससे साफ है कि प्रोटेक्शनिस्ट ट्रेड पॉलिसी से अमेरिका पीछे हटने वाला नहीं है।

सुगंधा कहती हैं कि जब भी व्यापार को लेकर ऐसी अनिश्चितता पैदा होती है, तो निवेशक सुरक्षित विकल्पों की तरफ भागते हैं। इसी वजह से सोना और चांदी जैसे सेफ-हेवन एसेट्स की मांग बढ़ती है।

इसके अलावा मिडिल ईस्ट में अमेरिका की सैन्य गतिविधियां और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने बाजार में घबराहट का माहौल बना रखा है। कूटनीतिक समय-सीमाएं, संभावित जवाबी कार्रवाई और वैश्विक टकराव का खतरा अभी भी मंडरा रहा है। ऐसे माहौल में ट्रेड अनिश्चितता, जियो-पॉलिटिकल रिस्क और आर्थिक दबाव, ये तीनों मिलकर सोना और चांदी के लिए सपोर्टिव बैकग्राउंड तैयार कर रहे हैं।

सोने के लिए कौन से स्तर अहम?

तकनीकी नजरिए से देखें तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना फिलहाल करीब $4,880 प्रति औंस के आसपास मजबूत सपोर्ट ले रहा है। घरेलू बाजार में यह स्तर लगभग 1,49,800 प्रति 10 ग्राम के आसपास माना जा रहा है। रेजिस्टेंस यानी ऊपरी रुकावट की बात करें तो $5,100 से $5,120 प्रति औंस का दायरा अहम है। भारतीय बाजार में यह रेंज करीब 1,61,000 प्रति 10 ग्राम के आसपास है।

अगर सोना इन स्तरों के ऊपर टिकता है और मजबूती दिखाता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में $5,350 तक का रास्ता खुल सकता है। वहीं घरेलू बाजार में कीमतें 1,75,000 प्रति 10 ग्राम तक पहुंचने की संभावना बन सकती है।

3,50,000 प्रति किलो तक जा सकती है चांदी?

चांदी फिलहाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में $70 प्रति औंस के आसपास सपोर्ट पा रही है। घरेलू बाजार में क्लोजिंग बेसिस पर 2,25,000 प्रति किलो के आसपास मजबूत आधार दिख रहा है। रेजिस्टेंस की बात करें तो $86 प्रति औंस और घरेलू बाजार में 2,75,000 से 2,78,000 प्रति किलो (मई कॉन्ट्रैक्ट) के स्तर अहम माने जा रहे हैं। सुगंधा सचदेवा के मुताबिक, अगर ये रेजिस्टेंस स्तर मजबूती से पार हो जाते हैं, खासकर तब जब ट्रेड तनाव या भू-राजनीतिक जोखिम और बढ़ जाए तो चांदी में एक नई तेजी की लहर शुरू हो सकती है। ऐसे हालात में कीमतें 3,50,000 प्रति किलो तक भी पहुंच सकती हैं।

इसके अलावा 24 फरवरी को लूनर न्यू ईयर ब्रेक के बाद चीनी बाजार के प्रतिभागियों की वापसी से लिक्विडिटी बढ़ेगी। इससे बाजार की दिशा और साफ हो सकती है और अगर तकनीकी स्तर टूटते हैं, तो एक मजबूत और लंबी तेजी देखने को मिल सकती है।

भारत के लिए राहत और मौके

अमेरिका के इस फैसले ने एक तरफ भारतीय निर्यातकों को राहत दी है, तो दूसरी तरफ नई अनिश्चितता भी पैदा कर दी है। शेयर बाजार में शुरुआती तेजी दिख सकती है, लेकिन सेक्टर-विशेष टैरिफ और भू-राजनीतिक जोखिम बने रहेंगे। सोना-चांदी के लिए माहौल फिलहाल सपोर्टिव नजर आ रहा है। ऐसे में निवेशकों को सोमवार के ओपनिंग मूव्स पर खास नजर रखनी चाहिए।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। ऊपर दिए गए विचार और सिफारिशें व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों के हैं, न कि मिंट के। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से जांच करें।

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