Vedanta demerger News: माइनिंग सेक्टर की बड़ी कंपनी वेदांता लिमिटेड से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। इसे नेशनल लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) से डीमर्जर के लिए मंजूरी मिल गई है। इस खबर के आने के बाद आज शेयर बाजार में गिरावट के बीच वेदांता लिमिटेड (Vedanta) के शेयरों में 4 प्रतिशत की जोरदार तेजी दर्ज की गई। NCLT की मुंबई बेंच ने कहा, 'कंपनी की योजना को मंजूरी दी जाती है। इस मंजूरी के साथ वेदांता लिमिटेड के डीमर्जर का रास्ता खुल गया है।
सरकार ने जताया था विरोध
पिछले महीने NCLT ने डीमर्जर पर अपना फैसला सुरक्षित रखा था। इसकी पीछे की मुख्य वजह केंद्र सरकार की तरफ से डीमर्जर का कड़ा विरोध करना था। सरकार ने चिंता जताई थी कि डीमर्जर के बाद कंपनी में संभावित रूप से वित्तीय जोखिम बढ़ सकता है। इसके अलावा, मंत्रालय ने यह भी आशंका जताई थी कि देश की हाइड्रोकार्बन संपत्तियों का गलत तरीके से प्रतिनिधित्व हो सकता है। इसके साथ ही कहा था कि कंपनी ने अपनी देनदारियों का पर्याप्त खुलासा नहीं किया है।
वेदांता ने दिया था ये तर्क
वहीं, वेदांता ने अपना पक्ष रखते हुए तर्क दिया कि उन्होंने पहले ही मार्केट रेगुलेटरी सेबी (SEBI) से मंजूरी ले ली है। कंपनी ने आगे कहा कि उन्होंने नियामक की जरूरतों के हिसाब से अपनी डीमर्जर योजना में बदलाव भी किए थे। मंत्रालय भले ही एक क्षेत्रीय नियामक हो, लेकिन वह कंपनी का न तो कोई लेनदार है और न ही कोई सीधा स्टेकहोल्डर है।
5 अलग-अलग कंपनियों में बंटेगा वेदांता ग्रुप
बता दें कि वेदांता ग्रुप ने साल 2023 में डीमर्जर का ऐलान किया था। इस प्लान के तहत कंपनी को पांच अलग-अलग लिस्टेड इंटीटी में बांट दिया जाएगा। इन नई कंपनियों को रूप में ग्रुप की विभिन्न बिजनेसों को रखा जाएगा। ये वेदांता एल्युमीनियम, वेदांता ऑयल एंड गैस, वेदांता पावर, वेदांता आयरन एंड स्टील और री-स्ट्रक्टर्ड वेदांता लिमिटेड हैं। कंपनी का कहना है कि यह डीमर्जर कंपनी के कर्ज को कम करने और हर बिजनेस पर स्वतंत्र रूप से ध्यान केंद्रित करने के मकसद से किया जा रहा है।