
Vijay Kedia Portfolio Stocks Crash: भारतीय शेयर बाजार में इस समय भीषण उठापठक देखने को मिल रही है। मंगलवार को बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 1350 अंक लुढ़ककर 81,934 के लेवल पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स 1.5% टूटकर 25,327 के स्तर तक पहुंच गया। निवेशक शेयरों की व्यापक स्तर पर बिकवाली कर रहे हैं। लिहाजा, मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स 1% से ज्यादा की गिरावट दर्ज किए। शेयर बाजार में आज की व्यापक गिरावट से विजय केडिया के पोर्टफोलियो को भी भारी झटका लगा है। विजय केडिया के निवेश वाली चार बड़ी कंपनियों के शेयरों में 20 फीसदी तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इस गिरावट के पीछे की वजह AI स्टॉर्टअप एंथ्रोपिक की ओर से पेश नया टूल है।
दरअसल, एंथ्रोपिक ने क्लाउड कोड सिक्योरिटी (Claude Code Security) नाम का एक नया टूल लॉन्च किया है। यह टूल ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर में मौजूद गंभीर खामियों और खतरों की पहचान और उन्हें ठीक करने में सझम है। अब तक यह काम बड़ी-बड़ी साइबर सिक्योरिटी कंपनियां और उनके हजारों इंजीनियर मिलकर करते थे। ऐसे में अब निवेशकों को डर है कि AI और इसके प्रभाव से आईटी सेक्टर की कंपनियों के रेवेन्यू में भारी गिरावट आ सकती है।
इसी डर से दिग्गज निवेशक विजय केडिया के निवेश वाली कंपनी TAC Infosec के शेयरों में 20% का लोअर सर्किट लगा, जिसके बाद यह 415.70 रुपये के स्तर पर आ गया। इस कंपनी ने विजय केडिया की 9.58 प्रतिशत की बड़ी हिस्सेदारी है। इसके साथ ही साइबर सिक्योरिटी सेक्टर की एक और कंपनी टेकडी साइबर सिक्योरिटी (TechD Cybersecurity Limited) में भी 14 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। इसके शेयर 394 रुपये निचले स्तर पर आ गए। इसमें विजय केडिया की 5.26% या 3.93 लाख शेयरों की हिस्सेदारी है। वहीं, सैट्रिक्स इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी के शेयर 5 फीसदी टूटकर 403.75 रुपये के स्तर पर आ गया। केडिया के पास इसके 8.06% या 9.14 लाख शेयर हैं। एक्साटो टेक्नोलॉजीज के शेयर भी 5 फीसदी की सुस्ती के साथ 308 रुपये के भाव पर आ गए। इसमें केडिया के पास 3.48% हिस्सा है, या लगभग 3.50 लाख शेयर हैं।
इस AI का डर अमेरिकी बाजार यानी वॉल स्ट्रीट पर और ज्यादा है। यहां क्राउडस्ट्राइक, डेटाडॉग और जेडस्केलर के शेयरों में 11 फीसदी तक की भारी गिरावट आई। वहीं, पालो ऑल्टो नेटवर्क्स के शेयर 3 फीसदी लुढ़के और सेंटिनल-वन में 5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। बता दें कि एंथ्रोपिक का यह नया टूल केवल सिक्योरिटी तक सीमित नहीं है। कंपनी का दावा है कि क्लाउड कोड उन पुराने सिस्टम्स को मॉडर्न बनाने में भी सक्षम है जो कोबोल (COBOL) लैंग्वेज पर चलते हैं। कोबोल एक ऐसी पुरानी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है, जिस पर आज भी दुनिया का बैंकिंग और रिटेल ट्रांजैक्शन सिस्टम टिका हुआ है। अकेले अमेरिका में लगभग 95 फीसदी ATM ट्रांजैक्शन आज भी कोबोल बेस्ड सिस्टम पर ही होते हैं।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल केवल जानकारी के लिए है। ऊपर दिए गए विचार और सिफारिशें, व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों के हैं, न कि मिंट के। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से जांच करें।
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