Who is Avadhut Sathe: भारत के शेयर बाजार नियामक-सेबी ने अवधूत साठे पर अब तक का सबसे बड़ा एक्शन लिया है। सेबी ने उन्हें सिक्योरिटीज मार्केट से बैन कर दिया गया है और करीब 546 करोड़ रुपये की कथित अनलॉफुल गेन जब्त (इंपाउंड) करने का आदेश दिया है। सेबी का आरोप है कि उन्होंने एजुकेशन कोर्स के नाम पर बिना रजिस्टर्ड इन्वेस्टमेंट एडवाइज़र (RIA) या रिसर्च एनालिस्ट लाइसेंस के स्टॉक मार्केट कॉल्स दिए और भ्रामक दावे कर निवेशकों को गुमराह किया।
अवधूत साठे कौन हैं?
अवधूत साठे एक मशहूर फिनइन्फ्लुएंसर और अवधूत साठे ट्रेडिंग एकेडमी (ASTA) के फाउंडर हैं, जो ट्रेडिंग और इन्वेस्टिंग से जुड़े कोर्स बेचते रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी एकेडमी 2017 के आसपास लॉन्च हुई और बाद में एक और एंटिटी बनाई गई, जहां इंट्रो सेशन से लेकर हाई-एंड मेंटरशिप तक कई तरह के कोर्स ऑफर किए गए।
सेबी ने अवधूत साठे को क्यों किया बैन?
सेबी के ऑर्डर के अनुसार, इन कोर्सों की फीस कुछ सौ रुपये के इंट्रो क्लास से लेकर लाखों रुपये तक के मेंटरशिप प्रोग्राम तक जाती थी। सेबी का कहना है कि एजुकेशन के नाम पर लाइव मार्केट में स्टॉक्स पर रियल-टाइम ट्रेडिंग रिकमेंडेशन दिए जा रहे थे, जो रेगुलेटर की नजर में रजिस्टर्ड एडवाइजरी के दायरे में आता है। रेगुलेटर के अनुमान के मुताबिक, इन गतिविधियों के ज़रिए कुल लगभग 600 करोड़ रुपये की कमाई हुई, जिसमें से करीब 546 करोड़ रुपये पर ऐसे डॉक्यूमेंटरी सबूत मिले हैं जिन्हें अनलॉफुल गेन मानकर तुरंत इंपाउंड करने का आदेश दिया गया।
सेबी का मुख्य आरोप ये है कि कोर्स के बहाने अनरजिस्टर्ड इन्वेस्टमेंट सलाह दी गई और सोशल मीडिया व मार्केटिंग मैटेरियल में झूठी या भ्रामक कामयाबी की कहानियां दिखाई गईं। थ्रेड के मुताबिक, कुछ टेस्टिमोनियल वीडियो में ऐसे दावे किए गए कि स्टूडेंट्स ने कोर्स की स्ट्रैटजी से लाखों रुपये बनाए, जबकि सेबी के विश्लेषण में वही अकाउंट्स दरअसल घाटे में थे।सेबी की जांच के एक हिस्से में 186 कस्टमर्स के ट्रेड डेटा को देखा गया, जिसमें लगभग 65 प्रतिशत ने कोर्स खत्म होने के छह महीने के भीतर नेट लॉस झेला और मिलाकर करीब 1.93 करोड़ रुपये गंवाए हैं।