Wipro Q4 Results, Buyback Announcement: शेयर बाजार में आज, 16 अप्रैल का दिन विप्रो के शेयरधारकों के लिए बेहद अहम रहने वाला है। दरअसल, देश की दिग्गज आईटी कंपनी आज जनवरी-मार्च (Q4 FY26) के नतीजों का ऐलान करने जा रही है। विप्रो का बोर्ड आज न केवल तिमाही नतीजों पर मुहर लगाएगा, बल्कि शेयरों के बायबैक (Buyback) के प्रस्ताव पर भी विचार करेगा। ऐसे में आज इसके शेयरों पर फोकस रहने वाला है।
पांच साल बाद होगा बायबैक का ऐलान?
कंपनी ने आखिरी बार साल 2020 में अपने शेयरों के बायबैक का ऐलान किया था। कंपनी एक बार फिर अपने निवेशकों को तोहफा देने की तैयारी में है। अगर आज बोर्ड इस प्रस्ताव को मंजूरी दे देता है, तो यह विप्रो का अब तक का 5वां बायबैक होगा। हालांकि, बायबैक का कुल साइज क्या होगा, किस कीमत पर शेयर खरीदे जाएंगे और इसका रूट क्या होगा, इसकी जानकारी मीटिंग के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
Wipro शेयर प्रदर्शन
पिछले कुछ समय से ग्लोबल अनिश्चितता ने शेयर बाजार को काफी नुकसान पहुंचाया है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बावजूद विप्रो के शेयरो ने काफी हद तक स्थिरता दिखाई है। पिछले एक हफ्ते में इस स्टॉक ने 3% से ज्यादा की बढ़त दर्ज की है, जबकि एक महीने में यह करीब 6% से अधिक चढ़ चुका है। हालांकि, लॉन्ग टर्म के निवेशकों को नुकसान झेलना पड़ा है। साल 2026 की शुरुआत से अब तक विप्रो का शेयर लगभग 21% से ज्यादा टूट चुका है।
क्या होता है शेयर बायबैक?
दरअसल, जब कोई कंपनी अपने ही शेयर, बाजार से वापस खरीदती है तो उस प्रक्रिया शेयर बायबैक कहा जाता है। आमतौर पर कंपनियां मौजूदा मार्केट प्राइस से प्रीमियम पर बायबैक का ऑफर लाती हैं। इसका सीधा फायदा उन शेयरधारकों को होता है जो अपने शेयर कंपनी को वापस बेचना चाहते हैं। कंपनियां ऐसा अक्सर तब करती हैं जब उनके पास अतिरिक्त नकदी जमा हो जाती है। इसके अलावा, बायबैक से बाजार में शेयरों की संख्या कम हो जाती है, जिससे प्रति शेयर आय (EPS) में सुधार होता है और भविष्य में शेयर की वैल्यू बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल केवल जानकारी के लिए है। ऊपर दिए गए विचार और सिफारिशें, व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों के हैं, न कि मिंट के। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से जांच करें।