Year Ender 2025: भारतीय शेयर बाजार के लिए साल 2025 कई वजहों से याद किया जाएगा। इस साल में बाजार ने न केवल घरेलू बल्कि ग्लोबल अस्थिरता के कई झटकों को झेला। इसके बावजूद बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी 50 ने रिकॉर्ड ऊंचाई दर्ज किया। साल की शुरुआत धीमी रही, लेकिन मिड ईयर तक आते-आते मार्केट ने रफ्तार पकड़ी। मार्केट एक्सपर्ट्स कहना है कि इस रिकॉर्ड प्रदर्शन के पीछे कई कारण रहे। इनमें सबसे अहम इकोनॉमी की मजबूती और कंपनियों की शानदार कमाई के आंकड़े शामिल हैं। इसके अलावा, जीएसटी रिफॉर्म्स ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
साल शुरुआत में कई करेक्शन हुए
साल 2025 की शुरुआत जियो-पॉलिटिकल टेंशन, क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार चढ़ाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की तरफ से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों ने बाजार को कई झटके दिए। सेंसेक्स और निफ्टी में कई बड़े करेक्शन देखने को मिले। साल के पहली तिमाही में ग्लोबल मंदी की आहट की वजह से बाजार में 10 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली थी।
गिरावट पर खरीदारी की रणनीति पर काम किए निवेश
लेकिन इस वक्त निवेशकों ने संयम दिखाया और गिरावट पर खरीदारी की स्ट्रैटजी पर काम किया। निवेशकों ने हर करेक्शन को नए अवसर के रूप में भुनाया। रिटेल इन्वेस्टर्स ने सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के माध्यम से अपना निवेश जारी रखे, जिससे मार्केट को सपोर्ट मिला। वहीं, सरकार की तरफ इन्फ्रास्ट्रक्टर पर किए जा रहे खर्च और PLI स्कीम की सफलता ने भी मार्केट को संभाला।
साल में आखिर में सेंसेक्स निफ्टी रिकॉर्ड हाई पर
इसके बाद अक्टूबर में फेस्टिव सीजन और सरकार की तरफ से GST दरों में सुधार ने ऑटो और कंज्यूमर स्टॉक्स में जोरदार तेजी लाई। शेयर बाजार के लिए नवंबर का महीना टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। इस महीने निफ्टी 50 इंडेक्स ने 14 महीनों की उठा-पटक के बाद अपना पिछला रिकॉर्ड हाई तोड़त हुए 26,310.45 के स्तर पर पहुंचकर नया कीर्तिमान बनाया। वहीं, सेंसेक्स ने भी 1 दिसंबर को 86159.02 के लेवल पर ऑलटाइम हाई बनाया। यह उछाल मौजूदा वित्तीय वर्ष की दूसरी तिमाही में GDP ग्रोथ और पॉजिटिव ग्लोबल संकेतों की वजह से आई। इस साल निफ्टी 50 इंडेक्स में 9 प्रतिशत से अधिक की बढ़त हासिल की है, जबकि सेंसेक्स भी 8 प्रतिशत चढ़ा है।