Zerodha Trading Charges Hike: स्टॉक मार्केट में एक्टिव रहने वाले रिटेल इन्वेस्टर्स और ट्रेडर्स के लिए 1 अप्रैल से नियम बदलने जा रहे हैं। देश की सबसे बड़ी ब्रोकरेज कंपनियों में से एक Zerodha ने अपने ब्रोकिंग फीस बढ़ाने का ऐलान किया है। यह बदलाव मुख्य रूप से इंट्राडे ट्रेडिंग में जरूरी कैश मार्जिन का पालन नहीं करने वाले ट्रेडर्स को प्रभावित करेगा। जेरोधा ने बजट 2026 में कई टैक्स नियमों में बदलाव के बाद यह कदम उठाया है।
अब इतनी देनी होगी ब्रोकिंग फीस
अब तक जेरोधा इंट्राडे ट्रेडिंग वाले क्लाइंट्स से 20 रुपये प्रति ऑर्डर के हिसाब से ब्रोकिंग फीस वसूलता था। लेकिन 1 अप्रैल से इसे बढ़ाकर 40 रुपये प्रति ऑर्डर कर दिया गया है। हालांकि, यह नियम सभी निवेशकों के लिए नहीं है। यह केवल उन चुनिंदा ट्रेडर्स पर लागू होगा, जो सेबी के कैश कोलेटरल नियम का पालन करने में विफल रहते हैं।
SEBI के ये हैं नियम
मार्केट रेगुलेटरी SEBI के नियमों के मुताबिक , किसी भी इंट्राडे पोजीशन के लिए ट्रेडर को अपने टोटल मार्जिन रकम का कम से कम 50% हिस्सा कैश या उसके बराबर के एसेट्स जैसे लिक्विड फंड के रूप में रखना जरूरी है। बाकी का 50% हिस्सा शेयरों या अन्य नॉन-कैश एसेट्स के रूप में रखा जा सकता है। अब तक जेरोधा अपने पास से फंड का इस्तेमाल कर क्लाइंट्स की इस कमी को पूरा कर रहा था, लेकिन अब कंपनी ने बढ़ती लागत का हवाला देते हुए इस पॉलिसी में बदलाव किया है।
नितिन कामथ का आया बयान
जेरोधा के CEO नितिन कामथ ने इस फैसले पर कहा कि क्लाइंट्स की तरफ से मार्जिन ट्रेडिंग के लिए रखे गए कोलेटरल की मात्रा में भारी बढ़ोतरी हुई है। इससे कंपनी के लिए फंडिंग की लागत काफी बढ़ गई है। ऐसे में कंपनी के पास एक विकल्प यह था कि वह अन्य ब्रोकरेज की तरह प्रतिशत आधार पर डेबिट चार्ज वसूले, लेकिन पार्दर्शिता बनाए रखने के लिए केवल उन ट्रेड्स पर ब्रोकरेज बढ़ाया गया है, जो 50% कैश मार्जिन की कमी पाई जाएगी।
सरकार ने भी बढ़ाया STT टैक्स
बता दें कि इससे पहले बजट 2026 में सरकार ने सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में बढ़ोतरी का ऐलान किया था। यह नई दरें 1 अप्रैल से लागू हो रही हैं। अब फ्यूचर्स पर STT को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% कर दिया गया है, जबकि ऑप्शंस प्रीमियम पर 0.10% से बढ़ाकर 0.15% कर दिया गया है। ऐसे में जेरोधा की तरफ से बढ़ाया गया ब्रोकरेज कम कैपिटल के साथ ज्यादा रिस्क लेने वाले ट्रेडर्स के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है।