
Retirement Schemes: भारत में रिटायरमेंट की प्लानिंग अक्सर लोग तब शुरू करते हैं जब नौकरी का अंत नजदीक आने लगता है। लेकिन अगर आप इसकी शुरुआत शुरुआत से ही महज ₹500 महीने से भी करें, तो समय के साथ एक मजबूत रिटायरमेंट फंड बन सकता है। अच्छी बात यह है कि सरकार की कई योजनाएं जैसे नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS), अटल पेंशन योजना (APY), पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), और पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना (MIS), इस रास्ते को आसान बनाती हैं। चलिए जानते हैं ऐसे ही कुछ पेंशन स्कीम्स के बारे में।
NPS एक केंद्र सरकार की पेंशन स्कीम है, जिसे पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) द्वारा संचालित किया जाता है। इसमें आप न्यूनतम ₹500 महीने या ₹1,000 सालाना से निवेश शुरू कर सकते हैं। इस योजना में आपका पैसा इक्विटी, गवर्नमेंट बॉन्ड और कॉरपोरेट डेब्ट जैसे अलग-अलग एसेट क्लास में निवेश होता है। जब आप 60 साल के होते हैं, तब इस फंड का 60% हिस्सा आपको एकमुश्त (lump sum) मिलता है और बाकी 40% से हर महीने पेंशन दी जाती है।
इसमें सबसे बड़ी खासियत है टैक्स छूट, सेक्शन 80CCD(1B) के तहत आप ₹50,000 तक का अतिरिक्त टैक्स डिडक्शन पा सकते हैं, जो 80C की सीमा से अलग होता है। हालांकि, इसका एक कमजोर पक्ष यह है कि पैसे निकालने की प्रक्रिया थोड़ी जटिल होती है और मैच्योरिटी से पहले आंशिक निकासी के लिए भी शर्तें लागू होती हैं।
अगर आपकी उम्र 18 से 40 साल के बीच है और आप मजदूर, किसान या छोटे व्यापारी हैं, तो अटल पेंशन योजना आपके लिए बिल्कुल फिट बैठती है। इस स्कीम में शामिल होने पर आप 60 साल की उम्र के बाद ₹1,000 से ₹5,000 तक की गारंटीड मासिक पेंशन पा सकते हैं। अगर कोई व्यक्ति 25 साल की उम्र में ₹500 प्रति माह जमा करना शुरू करता है, तो रिटायरमेंट के बाद उसे ₹5,000 प्रति माह तक की पेंशन मिलने की संभावना होती है।
इस स्कीम की सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें गारंटी खुद सरकार देती है। यानी, आपका पैसा डूबने का डर नहीं। हालांकि, अगर आप स्कीम को बीच में छोड़ देते हैं, तो आपको ज्यादा लाभ नहीं मिलेगा। इसके अलावा, इसमें पेंशन फिक्स रहती है, महंगाई के हिसाब से नहीं बढ़ती।
PPF एक पुरानी और बेहद भरोसेमंद योजना है जिसमें 15 साल का लॉक-इन पीरियड होता है। इसमें आप सालाना ₹500 से लेकर ₹1.5 लाख तक निवेश कर सकते हैं। इस योजना पर इस समय 7.1% सालाना ब्याज (जुलाई 2025 तक) मिल रहा है। इसकी सबसे बड़ी बात है इसका टैक्स ट्रीटमेंट, EEE कैटेगरी के तहत निवेश, ब्याज और मेच्योरिटी तीनों पर टैक्स नहीं लगता।
PPF में पैसा सरकार गारंटी के साथ निवेश करती है, यानी कोई रिस्क नहीं। पर ध्यान देने वाली बात ये है कि ये पेंशन स्कीम नहीं है। मतलब रिटायरमेंट के बाद आपको पेंशन नहीं मिलेगी, बल्कि एकमुश्त राशि मिलेगी। और चूंकि लॉक-इन बहुत लंबा होता है, इसलिए इसमें तत्काल निकासी की सुविधा सीमित होती है।
अगर आप रिटायरमेंट के बाद हर महीने फिक्स इनकम चाहते हैं तो पोस्ट ऑफिस की मासिक आय योजना आपके लिए शानदार ऑप्शन हो सकती है। इसमें आप एकमुश्त राशि निवेश करते हैं और 5 साल तक हर महीने निश्चित ब्याज पाते हैं। अभी की ब्याज दर लगभग 7.4% है, जो हर तीन महीने में तय होती है।
यह स्कीम खासतौर पर उन लोगों के लिए बढ़िया है जो रिटायर हो चुके हैं या जिनकी उम्र ज्यादा है। क्योंकि इसमें निवेश करने के बाद हर महीने तयशुदा रकम मिलती है, जिससे दिनचर्या की जरूरतें पूरी की जा सकती हैं। हालांकि, इस योजना की एक लिमिटेशन है कि आप इसमें शुरुआती उम्र में शामिल नहीं हो सकते और निवेश की अधिकतम सीमा तय होती है।
| स्कीम | शुरुआत राशि | पेंशन | टैक्स बेनिफिट | उम्र सीमा |
|---|---|---|---|---|
| NPS | ₹500/माह | हां | हां (80CCD) | 18–70 साल |
| APY | ₹500/माह | हां ( ₹5,000 तक) | नहीं | 18–40 साल |
| PPF | ₹500/वर्ष | नहीं | हां (EEE) | कोई लिमिट नहीं |
| पोस्ट ऑफिस MIS | एकमुश्त | हां | नहीं | 18+ |
युवाओं के लिए: NPS + PPF कॉम्बिनेशन से लॉन्ग टर्म बेनिफिट।
लो इनकम ग्रुप के लिए: APY एकदम परफेक्ट स्कीम है।
रिटायर लोगों के लिए: पोस्ट ऑफिस MIS, सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम (SCSS)।
रिटायरमेंट की तैयारी जितनी जल्दी शुरू की जाए, उतनी अच्छी होती है। सही योजना के चुनाव से सिर्फ ₹500 महीने से भी एक मजबूत फाइनेंशियल फाउंडेशन बनाया जा सकता है। NPS, APY, PPF और MIS जैसी सरकारी योजनाएं आपको सुरक्षा, गारंटीड रिटर्न और टैक्स बेनिफिट तीनों देती हैं।
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