
भारतीय निवेशक अक्सर सोचते हैं कि हर महीने की छोटी-सी बचत आगे चलकर बड़ा फंड बना सकती है या नहीं। सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी SIP के जरिए निवेश शुरू करते समय कई लोगों को बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव की चिंता रहती है। वहीं, कुछ निवेशक बहुत ज्यादा रिटर्न की उम्मीद भी करने लगते हैं।
इक्विटी निवेश में बाजार का उतार-चढ़ाव एक सामान्य बात है। हालांकि, लंबे समय में नियमित और अनुशासित तरीके से किया गया SIP निवेश अच्छा फंड बनाने में मदद कर सकता है। अगर आप हर महीने सिर्फ 5,000 रुपये निवेश कर सकते हैं, तो समय के साथ आपका पैसा कंपाउंडिंग यानी चक्रवृद्धि के जरिए बढ़ सकता है।
मार्केट एक्सपर्ट्स अक्सर कंपाउंडिंग की ताकत को निवेश की सबसे बड़ी खूबियों में से एक बताते हैं। SIP में कंपाउंडिंग का मतलब है कि आपको सिर्फ आपके निवेश किए हुए पैसे पर ही रिटर्न नहीं मिलता, बल्कि पहले मिले रिटर्न पर भी आगे रिटर्न मिलता है।
शुरुआत के कुछ वर्षों में आपके निवेश की रकम ज्यादा दिखाई देती है, जबकि रिटर्न का हिस्सा कम होता है। लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता है, आपके निवेश से मिलने वाला रिटर्न तेजी से बढ़ने लगता है। यही वजह है कि लंबे समय तक निवेश करने पर कंपाउंडिंग का असर ज्यादा दिखाई देता है।
मान लीजिए आप हर महीने 5,000 रुपये की SIP करते हैं और इस निवेश पर औसतन 12 फीसदी सालाना रिटर्न मिलता है। लंबे समय के लिए इक्विटी आधारित म्यूचुअल फंड की गणना में 12 फीसदी रिटर्न को एक अनुमान के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। ध्यान रखें कि म्यूचुअल फंड में रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती और वास्तविक रिटर्न बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।
अगर आप 10 साल तक हर महीने 5,000 रुपये निवेश करते हैं, तो आपका कुल निवेश 6 लाख रुपये होगा। 12 फीसदी अनुमानित सालाना रिटर्न के हिसाब से यह रकम करीब 11.62 लाख रुपये हो सकती है।
20 साल तक हर महीने 5,000 रुपये निवेश करने पर आपका कुल निवेश 12 लाख रुपये होगा। 12 फीसदी अनुमानित रिटर्न के आधार पर आपका फंड करीब 49.96 लाख रुपये तक पहुंच सकता है।
वहीं, अगर आप 30 साल तक इसी तरह हर महीने 5,000 रुपये निवेश करते हैं, तो आपका कुल निवेश 18 लाख रुपये होगा। 12 फीसदी अनुमानित सालाना रिटर्न के आधार पर यह रकम करीब 1.76 करोड़ रुपये हो सकती है।
लंबे समय तक निवेश करना जरूरी है: ऊपर की गणना से साफ है कि 10 साल में 5,000 रुपये की मासिक SIP से करीब 11.62 लाख रुपये का फंड बन सकता है, जबकि 30 साल में यही SIP करीब 1.76 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। इस दौरान आपका कुल निवेश केवल तीन गुना होता है, लेकिन अनुमानित फंड 14 गुना से ज्यादा बढ़ जाता है। यह कंपाउंडिंग की ताकत को दिखाता है।
नियमित निवेश से बनती है आदत: हर महीने बिना लंबे अंतराल के निवेश करते रहना बहुत जरूरी है। बाजार में तेजी या गिरावट के बावजूद अनुशासन के साथ SIP जारी रखने से लंबे समय में अच्छा फंड बनाने में मदद मिल सकती है।
जल्दी शुरू करें और छोटी रकम से शुरुआत करें: बड़ा फंड बनाने के लिए शुरुआत में बहुत बड़ी रकम की जरूरत नहीं होती। अगर आप कम उम्र में 5,000 रुपये जैसी छोटी रकम से निवेश शुरू करते हैं, तो आपके पैसे को बढ़ने के लिए ज्यादा समय मिलता है।
जितना ज्यादा समय आपके निवेश को मिलेगा, कंपाउंडिंग का असर उतना ही ज्यादा हो सकता है। ध्यान रखें कि 12 फीसदी रिटर्न केवल एक अनुमान है। म्यूचुअल फंड निवेश बाजार के जोखिम के अधीन हैं और वास्तविक रिटर्न इससे कम या ज्यादा हो सकता है।
(डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। यह किसी प्रकार की वित्तीय या निवेश सलाह नहीं है। निवेश करने से पहले अपने जोखिम प्रोफाइल का मूल्यांकन करें और योग्य वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। बाजार की स्थितियां और नियम समय-समय पर बदल सकते हैं।)
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