8th Pay Commission Pension Rules: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच 8वें वेतन आयोग की चर्चा काफी तेज हो गई है। साल 2025 के नवंबर में 8वें वेतन आयोग का गठन कर दिया गया था, लेकिन अभी तक इसे लागू नहीं किया गया है। इस वजह से कर्मचारियों के सब्र का बांध टूट रहा है और वो इसे जल्दी लागू करने की मांग कर रहे हैं। 8वें वेतन आयोग के लागू होने से कर्मचारियों की सैलरी ही नहीं रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन पर भी फर्क पड़ेगा। पेंशनभोगियों के बीच भी 8वें वेतन आयोग की चर्चा तेज है। इसी बीच नेशनल काउंसिल ऑफ द जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी से जुड़ी एक अहम मांग चर्चा में आ गई है। अगर इस मांग को मान लिया गया, तो पेंशनभोगियों को बड़ा फायादा होगा?
NC-JCM ने पेंशनभोगियों के लिए क्या की है मांग?
कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की मांग को 8वें वेतन आयोग के सामने रखने वाले नेशनल काउंसिल ऑफ द जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी की एक मांग चर्चा में आ गई है। संगठन चाहता है कि रिटायरमेंट के समय एकमुश्त रकम लेने के बाद कम की गई पेंशन को 15 साल से घटाकर 11 साल कर देना चाहिए। संगठन ने अपनी इस मांग को लेकर तर्क दिया है कि ये नियम कई साल पुराना है, जबकि अब कई अहम मानक बदल चुके हैं। इसलिए अब इसमें भी बदलाव होना चाहिए।
कब लागू हुआ था ये 15 साल वाला नियम?
पेंशन से जुड़े इस 15 साल के नियम को साल 1896 में लागू किया गया था। उस वक्त ब्याज दर 12 प्रतिशत थी और औसत जीवन प्रत्याशा करीब 57.7 साल थी। हालांकि अब आंकड़े काफी बदल गए हैं। बीपीएस के मुताबिक अगर कम्यूटेड पेंशन की बहाली 15 साल से घटाकर 11 साल कर दी जाती है, तो पेंशनकर्मियों को मोटा मुनाफा होगा। उनके अनुसार, अगर किसी कर्मचारी की बेसिक पेंशन 35 हजार रुपये है, तो चार साल तक अधिक पेंशन मिलने पर उसे 6 लाख से अधिक का फायदा होगा।
क्या है कम्यूटेड पेंशन?
कम्यूटेड पेंशन का मतलब है कि कर्मचारी रिटायरमेंट के समय अपनी पेंशन का एक हिस्सा पहले ही एकमुश्त रकम के तौर पर ले सकता है। इसके बदले हर महीने मिलने वाली पेंशन कुछ कम हो जाती है। हालांकि, 15 साल पूरे होने के बाद ये कटौती खत्म हो जाती है और पूरी पेंशन फिर से मिलने लगती है।
कब लागू होगा 8वां वेतन आयोग?
हालांकि अभी आयोग के मीटिंग का दौर चल रहा है। सारी बैठकों के बाद आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट बनाएगा और सरकार के पास जमा करेगा। उसके बाद सरकार इसे लागू करेगा। ऐसे में अभी 8वें वेतन आयोग को लागू करने में कई चरण बचे हुए हैं।