8th Pay Commission: देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की निगाहें इस समय 8वें वेतन आयोग पर टिकी हुई हैं। लंबे समय से सैलरी, पेंशन और भत्तों में बढ़ोतरी को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। अब इस पर दिनों दिन नए अपडेट आ रहे हैं। यह अपडेट सीधे लाखों केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी से जुड़ा है। अगर प्रस्तावित बदलाव लागू होते हैं, तो कर्मचारियों को बड़ा वित्तीय फायदा मिल सकता है। नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने एक अहम प्रस्ताव दिया है। इसमें फिटमेंट फैक्टर 3.833 रखने की मांग की गई है। इसी फैक्टर से कर्मचारियों की सैलरी में बंपर उछाल आ सकता है।
फिटमेंट फैक्टर एक ऐसा गुणांक है, जिसका इस्तेमाल वेतन आयोग के तहत नए मूल वेतन और पेंशन तय करने के लिए किया जाता है। 7 वें वेतन आयोग ने 2016 में वेतन और पेंशन में संशोधन करने के लिए 2.57 फिटमेंट फैक्टर का इस्तेमाल किया था। इस बार का फिटमेंट इससे ज्यादा है। अगर 3.833 का फैक्टर लागू होता है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी में बड़ा उछाल आएगा। मौजूदा ₹18,000 बेसिक सीधे बढ़कर करीब ₹69,000 हो सकता है।
एरियर भी बढ़कर आएगा
NDTV प्रॉफिट में छपी खबर के मुताबिक, यह बढ़ोतरी सिर्फ सैलरी तक सीमित नहीं रहेगी। इसका असर एरियर पर भी पड़ेगा। एरियर वह रकम होती है जो देरी से मिलने पर एक साथ दी जाती है। दरअसल, 7वें वेतन आयोग की अवधि 31 दिसंबर 2025 को खत्म हो चुकी है। नए वेतन आयोग को 1 जनवरी 2026 से लागू माना जा सकता है। अगर देरी होती है, तो कर्मचारियों को पिछली अवधि का पैसा एक साथ मिलेगा। यही एरियर होता है। यह रकम लाखों में पहुंच सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, अगर 3.833 फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो लेवल-1 कर्मचारियों को 20 महीने तक का एरियर मिल सकता है।
लेवल - 1 के कर्मचारियों को मिलेगा 10 लाख से ज्यादा एरियर
लेवल-1 कर्मचारी का मौजूदा बेसिक ₹18,000 है। नया बेसिक ₹69,000 तक जा सकता है। दोनों के बीच फर्क करीब ₹51,000 प्रति महीना बैठता है। अगर इस फर्क को 20 महीनों से गुणा किया जाए, तो कुल एरियर करीब ₹10.20 लाख बनता है। यानी सिर्फ लेवल-1 कर्मचारी को ही ₹10 लाख से ज्यादा का फायदा मिल सकता है। यह रकम एकमुश्त मिलेगी। लेवल-2 से लेवल-5 कर्मचारियों के लिए यह रकम और ज्यादा हो सकती है। उदाहरण के तौर पर लेवल-2 पर एरियर ₹11 लाख से ऊपर जा सकता है। लेवल-5 पर यह ₹16 लाख से ज्यादा हो सकता है। इससे साफ है कि वेतन आयोग का असर सीधे जेब पर पड़ने वाला है। खासकर निचले और मिड लेवल कर्मचारियों को बड़ा फायदा मिल सकता है।
अंतिम फैसला सरकार के पाले में
हालांकि एक बात साफ है। यह अभी सिर्फ प्रस्ताव है। अंतिम फैसला सरकार को लेना है। वेतन आयोग सिफारिश देगा, लेकिन मंजूरी सरकार की होगी। 8वें वेतन आयोग को नवंबर 2025 में गठित किया गया था। इसे अपनी रिपोर्ट देने के लिए करीब 18 महीने का समय दिया गया है। इस हिसाब से रिपोर्ट 2027 तक आ सकती है। इसके बाद सरकार इसे लागू करेगी। आम तौर पर सिफारिश लागू होने में 3 से 9 महीने का समय लग जाता है। यानी वास्तविक भुगतान 2027 के अंत या उसके बाद शुरू हो सकता है। यही वजह है कि एरियर की रकम इतनी बड़ी बन रही है।
8वें वेतन आयोग से बदल सकती है सैलरी स्ट्रक्चर
अगर फैक्टर कम हुआ, तो सैलरी और एरियर दोनों घट जाएंगे। फिर भी यह तय है कि 8वां वेतन आयोग कर्मचारियों के लिए बड़ा बदलाव लाएगा। सैलरी स्ट्रक्चर बदलेगा। पेंशन पर भी असर पड़ेगा। पेंशन सीधे बेसिक सैलरी से जुड़ी होती है। इसलिए बेसिक बढ़ने का मतलब पेंशन भी बढ़ना है। इसके अलावा DA, HRA और अन्य भत्तों पर भी असर पड़ेगा। क्योंकि ये सभी बेसिक सैलरी पर आधारित होते हैं। कुल मिलाकर, 8वां वेतन आयोग केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ा आर्थिक पैकेज साबित हो सकता है। खासकर अगर उच्च फिटमेंट फैक्टर को मंजूरी मिलती है।