
8th Pay Commission Latest Update: भारत के 50.14 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनभोगियों के लिए 8वां वेतन आयोग अब केवल एक चर्चा नहीं, बल्कि एक सक्रिय प्रक्रिया बन चुका है। नवंबर, 2025 में अधिसूचित होने के बाद से, न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाले इस आयोग ने अपनी कार्यप्रणाली तेज कर दी है। मई, 2027 तक रिपोर्ट सौंपने के लक्ष्य के साथ, आयोग वर्तमान में हितधारकों से परामर्श कर रहा है।
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में स्पष्ट किया कि सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (CPSEs) के लिए अलग वेतन संशोधन समिति बनाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने 9 मार्च, 2026 को लोकसभा में एक लिखित उत्तर में स्पष्ट किया कि बोर्ड स्तर से नीचे के अधिकारियों और गैर-कार्यकारी कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग की तर्ज पर कोई अलग 'पे रिवीजन कमेटी' (PRC) गठित करने का प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। सरकार का तर्क है कि सीपीएसई कर्मचारियों का वेतन उनकी संबंधित कंपनियों की 'वित्तीय क्षमता' और 'लाभप्रदता' पर निर्भर करता है, जिसे 8वें वेतन आयोग के साथ नहीं जोड़ा जा सकता।
सरकार ने स्पष्ट किया कि अलग-अलग CPSEs में वेतन, भत्ते और लाभों में भिन्नता उनकी वित्तीय क्षमता और प्रदर्शन पर आधारित होती है। सरकार समय-समय पर पारदर्शिता और व्यापक समानता सुनिश्चित करने के लिए दिशा-निर्देश जारी करती है, लेकिन CPSEs की कार्यात्मक स्वायत्तता को बनाए रखना भी प्राथमिकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सीपीएसई कर्मचारियों के लिए अलग कमेटी न बनाना यह संकेत देता है कि सरकार राजकोषीय विवेक और कंपनियों की व्यक्तिगत लाभप्रदता को अधिक महत्व दे रही है। हालांकि, 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें अप्रत्यक्ष रूप से CPSEs के लिए भविष्य के 'वेतन दिशानिर्देशों' का आधार बनेंगी।
8वें वेतन आयोग में सबसे अधिक चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर है। कर्मचारी संघों की मांग है कि इसे 7वें वेतन आयोग के 2.57 से बढ़ाकर 3.15 किया जाए। संघों की मांग है कि 8वें वेतन आयोग के लिए फिटमेंट फैक्टर कम से कम 2.86 तो किया ही जाए। फिटमेंट फैक्टर ही वह जादुई संख्या है जो बेसिक सैलरी और अंततः आपकी 'इन-हैंड सैलरी' तय करती है। आइए समझते हैं कि यदि सरकार कर्मचारी संघों की 2.86 या 3.15 के फिटमेंट फैक्टर की मांग मान लेती है, तो आपकी सैलरी स्लिप पर इसका क्या असर होगा।
केंद्रीय कर्मचारियों के लिए पे-मैट्रिक्स के विभिन्न स्तरों पर इसका प्रभाव अलग-अलग होगा।
प्रभाव: सबसे अधिक लाभ फिटमेंट फैक्टर के बढ़ने से इसी वर्ग को होगा। न्यूनतम वेतन में लगभग 180% तक की वृद्धि देखी जा सकती है।
उद्देश्य: जीवन निर्वाह की बढ़ती लागत को कवर करना।
प्रभाव: वर्तमान में जिनका बेसिक वेतन 44,900 रुपये (लेवल 7) है, उनका नया बेसिक वेतन 1,28,400 रुपये (2.86 के फैक्टर पर) के पार जा सकता है।
HRA लाभ: बेसिक बढ़ने से हाउस रेंट अलाउंस में भी स्वतः भारी वृद्धि होगी।
प्रभाव: यहां फिटमेंट फैक्टर के साथ-साथ 'पे-गैप' को कम करने पर जोर दिया जा सकता है। अधिकतम वेतन 2.50 लाख रुपये से बढ़कर 3.75 लाख रुपये से 4.50 लाख रुपये तक पहुंचने की संभावना है।
जैसा कि 11 मार्च, 2026 की मौजूदा स्थिति है, 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट मई 2027 तक आने की उम्मीद है।
प्रभावी तिथि: नियमतः इसे 1 जनवरी 2026 से लागू किया जाना है।
एरियर गणना: यदि सरकार इसे 2027 में लागू करती है, तो कर्मचारियों को जनवरी 2026 से लेकर कार्यान्वयन की तारीख तक का बकाया एकमुश्त मिलेगा। यह राशि एक औसत कर्मचारी के लिए 1.5 लाख रुपये से 4 लाख रुपये के बीच हो सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था, जिससे वेतन में करीब 14.29% की वास्तविक वृद्धि हुई थी। यदि 8वें वेतन आयोग में यह 2.86 या उससे ऊपर रहता है, तो यह पिछले एक दशक की सबसे बड़ी वेतन वृद्धि साबित होगी। यह बाजार में तरलता बढ़ाएगा, जिससे ऑटो और रियल एस्टेट सेक्टर को बड़ा बूस्ट मिल सकता है।
| घटक (Component) | 7वां वेतन आयोग (वर्तमान) | 8वां वेतन आयोग (प्रस्तावित 2.86) | 8वां वेतन आयोग (प्रस्तावित 3.15) |
|---|---|---|---|
| न्यूनतम बेसिक पे | ₹18,000 | ₹51,480 | ₹56,700 |
| फिटमेंट फैक्टर | 2.57 | 2.86 | 3.15 |
| महंगाई भत्ता (DA) | 50% (वर्तमान दर) | 0% (शुरुआत में) | 0% (शुरुआत में) |
| अनुमानित इन-हैंड सैलरी | ₹28,000 - ₹32,000 | ₹58,000 - ₹62,000 | ₹65,000 - ₹70,000 |
| विशेषता | वर्तमान नियम (7वां वेतन आयोग) | प्रस्तावित (8वां वेतन आयोग) | मुख्य लाभ |
|---|---|---|---|
| कम्यूटेशन बहाली | 15 वर्ष | 11-12 वर्ष | जल्दी पूरी पेंशन की बहाली |
| अतिरिक्त पेंशन | 80 वर्ष से शुरू | 65 या 70 वर्ष से शुरू | बुढ़ापे में बेहतर चिकित्सा सुरक्षा |
| फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस (FMA) | ₹1,000 प्रति माह | ₹3,000 - ₹5,000 प्रति माह | दवाइयों के खर्च में राहत |
| न्यूनतम पेंशन | ₹9,000 | ₹22,000+ | जीवन स्तर में सुधार |
8वां वेतन आयोग ने MyGov पोर्टल पर ऑनलाइन प्रश्नावली जारी की है। इसमें कर्मचारियों से निम्नलिखित मुद्दों पर इनपुट मांगे गए हैं। इन प्रश्नों पर सुझाव जमा करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल, 2026 है।
8वां वेतन आयोग केवल वेतन वृद्धि नहीं, बल्कि 'वर्क-लाइफ बैलेंस' और 'पेंशन सुरक्षा' पर केंद्रित दिख रहा है। पांच दिवसीय सप्ताह और स्वास्थ्य सुधार इस बार की सिफारिशों के केंद्र में हो सकते हैं। बाजार विशेषज्ञों और कर्मचारी संघों की मांग के आधार पर, 8वें वेतन आयोग में निम्नलिखित बदलावों की प्रबल संभावना है।
फिटमेंट फैक्टर : कर्मचारी संघ 2.86 से 3.25 के फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं, जिससे न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये से बढ़कर 54,000 रुपये तक पहुंच सकता है।
महंगाई भत्ता विलय : चर्चा है कि जनवरी 2026 तक डीए के 70% तक पहुंचने की उम्मीद है, जिसे नए मूल वेतन में समाहित किया जा सकता है।
एरियर : भले ही कार्यान्वयन 2027 में हो, लेकिन वेतन वृद्धि 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएगी, जिससे कर्मचारियों को बड़ा एरियर मिलेगा। इसका मतलब है कि कर्मचारियों को एक मोटा 'एरियर' मिलेगा, जो मध्य वर्ग की अर्थव्यवस्था को गति देगा।
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