8th Pay Commission: 69,000 रुपये न्यूनतम सैलरी और 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग, NC JCM ने CPC को सौंपी रिपोर्ट

8th Pay Commission: वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों के संगठन ने अपनी अंतिम मांगें पेश कर दी हैं। इसमें न्यूनतम वेतन 69,000 और 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग शामिल है। इसके साथ ही पेंशन, HRA और वार्षिक वृद्धि को लेकर भी अहम सुझाव दिए गए हैं।

Jitendra Singh
अपडेटेड14 Apr 2026, 10:57 PM IST
8th Pay Commission: आमतौर पर हर 10 साल में नया वेतन आयोग लागू होता है।
8th Pay Commission: आमतौर पर हर 10 साल में नया वेतन आयोग लागू होता है।

8th Pay Commission: केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर चर्चा तेज हो गई है। एक प्रमुख कर्मचारी संगठन ने सरकार को अपना अंतिम ज्ञापन सौंप दिया है। इसमें वेतन बढ़ोतरी से जुड़े कई बड़े प्रस्ताव रखे गए हैं। इस ज्ञापन में सबसे अहम मांग न्यूनतम बेसिक सैलरी को बढ़ाकर 69,000 रुपये करने और फिटमेंट फैक्टर को 3.83 रखने की मांग की गई है।

इकोनॉमिक टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक, नेशनल काउंसिल (NC - JCM) की ने 8वें सेंट्रल पे कमीशन को रिपोर्ट सब्मिट कर दी है। इसमें 6 फीसदी का सालाना इंक्रीमेंट, पुरानी पेंशन योजना (OPS) को फिर से लागू करना और न्यूनतम हाउस रेंट (HRA) स्लैब को बढ़ाकर 30 फीसदी करने की मांग की गई है।

ड्रॉफ्ट कमेटी की आयोग से अन्य बड़ी मांगें

इन मांगों के अलावा, ड्राफ़्ट समिति ने 8वें वेतन आयोग से अनुरोध किया है कि वह 7वें वेतन आयोग के 18 कर्मचारी स्तरों को मिलाकर सात कर दे। पारिवारिक इकाइयों की संख्या पांच से बढ़ाकर सात करे, 30 साल की सेवा में हर कर्मचारी के लिए कम से कम 5 प्रमोशन सुनिश्चित करे, और हर पाँच साल में पेंशन में संशोधन करे। इन अनुरोधों के अलावा भी कुछ अन्य अनुरोध किए गए हैं। ड्रॉफ्ट कमेटी चाहती है कि उसकी सभी मांगें 1 जनवरी 2026 से लागू की जाएं।

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ET Wealth Online ने अपनी एक रिपोर्ट में NC-JCM की ड्राफ़्टिंग कमिटी के सदस्य सी. श्रीकुमार के हवाले से कहा है कि 8वें CPC में कम से कम 69,000 रुपये की बेसिक सैलरी की मांग सही है, क्योंकि परिवार को तीन यूनिट मानने का मौजूदा सिस्टम खत्म कर देना चाहिए और परिवार को पाँच यूनिट माना जाना चाहिए। यह माता-पिता के भरण-पोषण और कल्याण से जुड़े कानूनी दायित्वों के अनुरूप है।

जानिए फिटमेंट फैक्टर

फिटमेंट फैक्टर वह संख्या है, जिससे मौजूदा बेसिक सैलरी को गुणा करके नई बेसिक सैलरी तय की जाती है। इससे पता चलता है कि कर्मचारियों की सैलरी कितनी बढ़ेगी। 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर तय करने के लिए महंगाई समेत कई फैक्टर्स को ध्यान में रखा जाएगा। बता दें कि 7वें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर तय हुआ था, जिससे न्यूनतम बेसिक सैलरी 7,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये प्रति माह हो गई थी।

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कर्मचारियों को कितना फायदा हो सकता है?

अगर उच्च फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी के साथ-साथ HRA, DA और अन्य भत्तों में भी वृद्धि होगी। फिटमेंट फैक्टर जितना ज्यादा होगा, वेतन वृद्धि उतनी ही अधिक होगी। उदाहरण के तौर पर, अगर फिटमेंट फैक्टर 3.0 भी होता है, तो न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये से बढ़कर करीब 54,000 रुपये तक पहुंच सकता है। ऐसे में 3.83 का फैक्टर लागू होने पर वेतन में और बड़ा उछाल संभव है।

कब लागू हो सकता है 8वां वेतन आयोग?

सरकार ने 8वें वेतन आयोग के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है और उम्मीद है कि इसे 2026 के आसपास लागू किया जा सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी पर निर्भर करेगा।

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