
8th Pay Commission: 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों के बीच उत्सुकता बढ़ गई है। 7वें वेतन आयोग की अवधि 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो गई है और 8वें वेतन आयोग के प्रावधान 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माने जा रहे हैं। इसका मतलब है कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सैलरी में एक नई बढ़ोतरी का दौर शुरू होने जा रहा है।
सरकार ने पहले ही संकेत दिया है कि वेतन आयोग हर दस साल के अंतराल में लागू होता है, और इस बार भी वही परंपरा जारी रहेगी। 8वें वेतन आयोग का गठन 2025 की शुरुआत से मध्य तक किया गया था और इसके टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) की अधिसूचना नवंबर 2025 में जारी की गई थी। आयोग को रिपोर्ट सौंपने के लिए करीब 18 महीने का समय दिया गया है।
हालांकि आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होंगी, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि वास्तविक लागू होने में देरी हो सकती है। बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने बताया कि आयोग की सिफारिशों का व्यावहारिक असर वित्त वर्ष 2027-28 या 2028-29 के अंत तक दिखाई देगा।वहीं, सिंघानिया एंड कंपनी के प्रबंध भागीदार रोहित जैन के अनुसार, नए वेतन स्लैब की घोषणा 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत में होने की संभावना है।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि देरी की स्थिति में कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को कितनी बकाया राशि (Arrears) मिलेगी। रोहित जैन के अनुसार, यदि 8वां वेतन आयोग मई 2027 में लागू होता है, तो कर्मियों को जनवरी 2026 से अप्रैल 2027 के बीच की अवधि के लिए एरियर भुगतान मिलेगा। इसका भुगतान एकमुश्त (लंपसम) किया जाएगा।
मदन सबनवीस ने बताया कि सरकार अपने बजट में एरियर भुगतान के लिए विशेष प्रावधान रखेगी। एरियर की गणना बढ़े हुए वेतन के अंतर से की जाएगी। उदाहरण के तौर पर, यदि आपका वेतन ₹45,000 से बढ़कर ₹50,000 होता है, तो अंतर ₹5,000 का हुआ। अगर देरी 15 महीने की है, तो कर्मचारी को ₹5,000 × 15 = ₹75,000 का कुल एरियर मिलेगा।
अगर हम टैक्स की बात करें, तो हां ये एरियर पूरी तरह कर योग्य (Taxable) होगा। सबनवीस के अनुसार, 8वें वेतन आयोग के बाद कई कर्मचारी 30% आयकर स्लैब में आ सकते हैं। इसलिए, उन्हें अपने एरियर भुगतान पर उसी दर से टैक्स देना होगा।
Oops! Looks like you have exceeded the limit to bookmark the image. Remove some to bookmark this image.