8th Pay Commission Update: अगर आप केंद्र सरकार के कर्मचारी हैं, तो आने वाले दिन आपके लिए काफी बदलाव भरे होने वाले हैं। एक तरफ जहां 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर हलचल तेज है, वहीं दूसरी तरफ सरकार ने प्रमोशन और अप्रेजल के नियमों में एक नई कड़ी जोड़ दी है। आइए विस्तार से समझते हैं कि सरकार की नई योजना क्या है और 8वें वेतन आयोग को लेकर ताजा अपडेट क्या है।
अब अप्रेजल के लिए करना होगा ये काम
केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए अब सालाना परफॉर्मेंस रिपोर्ट (APAR) तैयार करवाना थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में जानकारी दी है कि सभी केंद्रीय कर्मचारियों और अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों के लिए अब 'iGOT' (एकीकृत सरकारी ऑनलाइन प्रशिक्षण) पोर्टल पर कोर्स करना अनिवार्य कर दिया गया है।
इसका मतलब यह है कि कर्मचारी के भूमिका और लेवल के हिसाब से विभाग कुछ कोर्स तय करेगा, जिन्हें कर्मचारियों को हर साल पूरा करना होगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इन कोर्स का रिकॉर्ड कर्मचारी के 'सालाना परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट' में दर्ज होगा। अगर उन्होंने ये कोर्स नहीं किए, तो इसका सीधा असर उनके अप्रेजल और इंक्रीमेंट पर पड़ सकता है। सरकार चाहती है कि सभी कर्मचारी अपनी कार्यक्षमता को लगातार अपडेट करते रहें।
कर्मचारियों के लिए क्या मायने हैं?
अब सरकारी नौकरी में सिर्फ अनुभव नहीं, बल्कि लगातार सीखना भी जरूरी हो गया है।
- इससे कर्मचारियों की स्किल्स बेहतर होंगी
- काम की क्वालिटी भी बढ़ेगी
- प्रमोशन के मौके भी बढ़ेंगे
8वें वेतन आयोग का इंतजार, कब बढ़ेगी सैलरी?
लाखों कर्मचारी इस वक्त 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने की राह देख रहे हैं। आपको बता दें कि सरकार ने नवंबर 2025 में इस आयोग का गठन किया था। आयोग को अपनी रिपोर्ट और सिफारिशें सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। माना जा रहा है कि 2027 की पहली छमाही तक आयोग अपनी रिपोर्ट सरकार को दे देगा।
खास बात यह है कि भले ही रिपोर्ट 2027 में आए, लेकिन इसे 1 जनवरी 2026 से बैकडेट में लागू किया जा सकता है। अगर ऐसा होता है, तो कर्मचारियों को एक मोटी रकम एरियर के तौर पर मिलेगी।
24 अप्रैल को बड़ी बैठक
वेतन आयोग की टीम फिलहाल विभिन्न स्टेकहोल्डर्स से बात कर रही है ताकि वेतन, भत्ते और सेवा शर्तों पर सही फैसला लिया जा सके। इसी कड़ी में 8वें वेतन आयोग की टीम 24 अप्रैल 2026 को देहरादून का दौरा करेगी। अगर कोई यूनियन, संगठन या संस्थान अपनी बात आयोग के सामने रखना चाहता है, तो उन्हें 10 अप्रैल 2026 तक अपॉइंटमेंट के लिए अनुरोध जमा करना होगा। यह बैठक इसलिए अहम है क्योंकि यहां जमीनी स्तर की समस्याओं और मांगों को सुना जाएगा।
8वें वेतन आयोग के साथ-साथ यह नया नियम यह दिखाता है कि आने वाले समय में सरकारी नौकरी का तरीका पूरी तरह बदलने वाला है। जो कर्मचारी समय के साथ खुद को अपडेट रखेंगे, वही आगे बढ़ पाएंगे।