8th Pay Commission update: सरकारी कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग की खबर राहत लेकर आई है, लेकिन इसमें एक अहम बात समझना जरूरी है। कागजों पर सैलरी बढ़ने की बात जरूर है, लेकिन असली बढ़ी हुई रकम कर्मचारियों के खाते में आने में थोड़ा समय लग सकता है। यानी खुशखबरी है, लेकिन उसके साथ थोड़ा इंतजार भी करना पड़ेगा।
संसद में सरकार का जवाब
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने संसद में एक लिखित जवाब के जरिए स्थिति साफ की है। उन्होंने पुष्टि की कि सरकार ने 3 नवंबर 2025 को आधिकारिक तौर पर 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की स्थापना कर दी थी। आयोग को अपनी सिफारिशें तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। फिलहाल, MyGov पोर्टल के जरिए सभी स्टेकहोल्डर्स से सुझाव मांगे जा रहे हैं, जिसकी आखिरी तारीख 31 मार्च 2026 तय की गई है।
सैलरी तो बढ़ेगी, पर खाते में कब आएगी?
कागजों पर 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जाएगा, लेकिन असल बढ़ी हुई सैलरी तुरंत नहीं मिलेगी। GenZCFO के फाउंडर, CA मनीष मिश्रा ने इस देरी की वजह समझाते हुए कहा, "व्यावहारिक रूप से नई सैलरी कर्मचारियों के खातों में 2026 के अंत या वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान ही पहुंच पाएगी।" उन्होंने बताया कि पिछले वेतन आयोगों में भी प्रक्रियात्मक कारणों से इसी तरह की देरी देखी गई थी। हालांकि, राहत की बात यह है कि देरी होने पर भी कर्मचारियों को 1 जनवरी 2026 से पूरा एरियर जोड़कर दिया जाएगा।
कितनी बढ़ेगी सैलरी?
सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी, यह पूरी तरह फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करता है।
- अनुमान: इस बार फिटमेंट फैक्टर 1.83 से 3.0 के बीच रह सकता है।
- बेसिक पे: अगर यह लागू होता है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 से बढ़कर ₹32,400 से ₹54,000 के बीच पहुंच सकती है।
- कुल फायदा: कुल मिलाकर वेतन और पेंशन में 20% से 35% तक की बढ़ोतरी की उम्मीद है।
DA, HRA और भत्तों पर असर
साल 2026 तक महंगाई भत्ता (DA) 70% के करीब पहुंचने का अनुमान है। नए ढांचे में इस DA को बेसिक सैलरी में मर्ज करके वापस शून्य (0) कर दिया जाएगा। इसके अलावा, नई बेसिक पे के आधार पर आपका HRA (हाउस रेंट अलाउंस) और TA (ट्रैवल अलाउंस) भी काफी बढ़ जाएगा, जिससे आपकी 'इन-हैंड' सैलरी में तगड़ा उछाल आएगा।
कर्मचारी यूनियनों की बड़ी मांगें
यूनियनों ने सरकार के सामने ये मांगें रखी हैं:
- फिटमेंट फैक्टर: इसे 2.86 से 3.25 के बीच रखने की मांग।
- इंक्रीमेंट: सालाना वेतन वृद्धि को 3% से बढ़ाकर 7% करना।
- फैमिली यूनिट: वेतन गणना के लिए परिवार के सदस्यों की संख्या 3 से बढ़ाकर 5 (आश्रित माता-पिता सहित) करना, जिससे बेस पे में 66% तक की बढ़ोतरी जायज हो सके।
कुछ ऐसा है पूरा टाइमलाइन
आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को हुआ, सुझाव लेने की प्रक्रिया 31 मार्च 2026 तक चलेगी, और रिपोर्ट 2027 के मध्य तक आने की उम्मीद है। वहीं सैलरी बढ़ोतरी का वास्तविक फायदा 2026 के अंत या 2027 में देखने को मिल सकता है।