
8th Pay Commission: केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने के लिए मोदी सरकार ने 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है। इस बात की जानकारी केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कुछ महीने पहले दी थी। हालांकि अभी इस पर आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है।
हर दस साल में एक बार वेतन आयोग बनता है, जो सैलरी और भत्तों में बढ़ोतरी की सिफारिश करता है। इसमें जो सबसे अहम चीज होती है, वो है फिटमेंट फैक्टर।
सरकारी कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन और भत्ते तय करने में फिटमेंट फैक्टर का बड़ा रोल होता है। इसे एक तरह का मल्टीप्लायर मान सकते हैं, जिसकी मदद से नई सैलरी तय की जाती है। ये फैक्टर महंगाई, कर्मचारियों की जरूरत और सरकार की क्षमता जैसी चीजों को ध्यान में रखकर तय होता है।
अभी जो सैलरी स्ट्रक्चर है, वो 7वें वेतन आयोग के हिसाब से है, जिसमें फिटमेंट फैक्टर 2.57 रखा गया था।
लोगों को अक्सर लगता है कि 2.57 का मतलब सैलरी ढाई गुना बढ़ गई, लेकिन ऐसा नहीं है। ये फैक्टर सिर्फ बेसिक पे पर लागू होता है। 7वें वेतन आयोग में बेसिक सैलरी बढ़ाकर कम से कम ₹18,000 कर दी गई थी। कुल मिलाकर सैलरी में औसतन 14.3% की बढ़ोतरी हुई थी।
ध्यान देने वाली बात ये है कि जब नया वेतन आयोग लागू होता है तो महंगाई भत्ता (DA) फिर से जीरो से शुरू होता है, क्योंकि इंडेक्स को रीसेट कर दिया जाता है। 8वें वेतन आयोग में भी ऐसा ही होने की उम्मीद है।
किसी भी सरकारी कर्मचारी की सैलरी में चार हिस्से होते हैं:
एक रिपोर्ट के मुताबिक:
8वें वेतन आयोग से करीब 50 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारी, जिनमें डिफेंस के लोग भी शामिल हैं, को फायदा मिलेगा। इसके अलावा करीब 65 लाख पेंशनभोगी, जिनमें रिटायर्ड फौजी भी शामिल हैं, उन्हें भी इसका सीधा फायदा मिलेगा।
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