
Aadhaar-PAN linking: परमानेंट अकाउंट नंबर (PAN) एक 10 अंकों का अल्फ़ान्यूमेरिक नंबर होता है, जिसे भारत के आयकर विभाग द्वारा व्यक्तियों और संस्थाओं को लैमिनेटेड पैन कार्ड के रूप में जारी किया जाता है। इसमें कुल दस अक्षर और अंक होते हैं। पहले पांच अक्षर अंग्रेजी के होते हैं, अगले चार अंक होते हैं और आख़िरी एक अक्षर होता है।
पैन कार्ड भारत के सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों में से एक है। बैंक से जुड़ी सेवाएं लेने से लेकर आयकर रिटर्न (ITR) भरने तक, हर जगह पैन कार्ड की ज़रूरत होती है। सरकार ने सभी लोगों के लिए 31 दिसंबर 2025 से पहले अपने पैन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक करना अनिवार्य कर दिया है। ऐसा न करने पर आपका पैन कार्ड निष्क्रिय हो सकता है।
यदि पैन और आधार लिंक नहीं हैं, तो व्यक्ति आयकर रिटर्न दाखिल नहीं कर पाएगा और न ही अन्य टैक्स से जुड़े काम कर सकेगा, जब तक वह यह शर्त पूरी नहीं करता। पैन नंबर एक यूनिक 10 अंकों का पहचान नंबर होता है, जिसके ज़रिए व्यक्ति से जुड़ी सभी वित्तीय गतिविधियों पर नज़र रखी जाती है।
आज के समय में पैन कार्ड पहचान का एक बहुत ज़रूरी हिस्सा बन चुका है। चाहे बैंक खाता खोलना हो, तय सीमा से ज़्यादा का लेन-देन करना हो, निवेश करना हो या सरकारी योजनाओं का लाभ लेना हो, हर जगह पैन की आवश्यकता होती है। अगर आपको अभी तक पैन बनाने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी नहीं है या यह नहीं पता कि पैन कैसे बनवाया जाता है, तो चिंता करने की ज़रूरत नहीं है, हम आपको पूरी जानकारी दे रहे हैं।
आयकर विभाग ने एक ऐसी सुविधा शुरू की है, जिसके ज़रिए कोई भी व्यक्ति केवल आधार कार्ड का उपयोग करके तुरंत पैन कार्ड बनवा सकता है। इस सेवा का सबसे बड़ा फ़ायदा यह है कि इसके लिए किसी भी तरह के कागजी फ़ॉर्म भरने या कोई शुल्क देने की जरूरत नहीं होती। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होती है। आवेदन पूरा होते ही इलेक्ट्रॉनिक पैन यानी ई-पैन तुरंत जारी कर दिया जाता है।
इंस्टेंट पैन के लिए आवेदन करने के लिए आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ। वहाँ आपको “Instant PAN through Aadhaar” का विकल्प दिखाई देगा। इस विकल्प पर क्लिक करने के बाद, अपना आधार नंबर और कैप्चा भरकर नया पैन आवेदन फ़ॉर्म शुरू करें। इसके बाद आपके आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) आएगा, जो आधार सत्यापन के लिए जरूरी होता है। ओटीपी दर्ज करने के बाद शर्तों को स्वीकार करें और आवेदन जमा कर दें।
आवेदन पूरा होने के बाद आपको एक रसीद नंबर मिलेगा, जिसकी मदद से आप अपने पैन कार्ड की स्थिति देख सकते हैं। इसी रसीद नंबर के आधार पर आपका ई-पैन थोड़ी ही देर में जनरेट हो जाता है, जिसे आप डाउनलोड कर सकते हैं। यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से मुफ्त है और तेज़ व भरोसेमंद है। इसके लिए न तो किसी एजेंट की जरूरत है और न ही लंबी लाइनों में खड़े होने की। एक बार पैन कार्ड जारी हो जाने के बाद, यह जीवन भर मान्य रहता है।
स्थायी खाता संख्या (PAN) एक 10 अंकों का अल्फ़ान्यूमेरिक नंबर होता है। आधार कार्ड से तुरंत e-PAN बनाने के आसान स्टेप्स इस प्रकार हैं:
स्टेप 1: आयकर विभाग की e-Filing वेबसाइट पर जाएँ और Instant e-PAN पर क्लिक करें।
स्टेप 2: Get New e-PAN विकल्प चुनें।
स्टेप 3: अपना 12 अंकों का आधार नंबर डालें, सहमति वाला बॉक्स चुनें और Continue पर क्लिक करें।
स्टेप 4: सहमति शर्तें पढ़कर बॉक्स टिक करें और Continue करें।
स्टेप 5: आधार से जुड़े मोबाइल पर आया 6 अंकों का OTP डालें, आधार विवरण सत्यापन के लिए बॉक्स चुनें और Continue करें।
स्टेप 6: आधार विवरण स्वीकार करें और Continue पर क्लिक करें।
(डिस्क्लेमर: ये सलाह सामान्य जानकारी के लिए दी गई है। कोई फैसला लेने से पहले विशेषज्ञ से बात करें। मिंट हिंदी किसी भी परिणाम के लिए जिम्मेदार नहीं है।)
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