बजट 2026 में जमीन मालिकों और किसानों के लिए बड़ी राहत मिली है। सरकार ने साफ कर दिया है कि अगर आपकी जमीन RFCTLARR एक्ट के तहत जबरन अधिग्रहीत होती है, तो उस पर मिलने वाला मुआवजा और उससे जुड़ी कोई भी आय पर अब टैक्स नहीं लगेगा। यह नया नियम 1 अप्रैल, 2026 से लागू होगा और टैक्स साल 2026-27 और उसके बाद भी इसके तहत आएगा। ध्यान रहे, यह छूट सेक्शन 46 के तहत होने वाले मुआवजे पर लागू नहीं होगी। आइए जानते हैं पूरी खबर को विस्तार से।
क्या है RFCTLARR एक्ट
बता दें कि RFCTLARR एक्ट 2013 के तहत सरकार जमीन अधिग्रहण करती है ताकि बड़े प्रोजेक्ट या विकास काम किए जा सकें। इस एक्ट का मकसद यही है कि जमीन मालिकों को उचित मुआवजा मिले, प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो और जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों का पुनर्वास भी हो। पहले भी माना जाता था कि अधिग्रहण से मिलने वाली रकम या कैपिटल गेन्स टैक्स-फ्री होती थी, लेकिन कानून में इसकी साफ व्यवस्था नहीं होने की वजह से कभी-कभी उलझन पैदा होती थी।
मुआवजा पूरी तरह टैक्स-फ्री
अब बजट 2026 में किए गए बदलाव से यह बात पूरी तरह स्पष्ट हो गई है। ईटी में छपी एक खबर के अनुसार, चार्टर्ड एकाउंटेंट डॉ. सुरेश सुराना कहते हैं कि अब जमीन मालिकों को कानूनी आश्वासन मिलेगा कि RFCTLARR एक्ट के तहत मिलने वाला मुआवजा पूरी तरह टैक्स-फ्री है। उन्हें अब टैक्स सर्कुलर या अलग व्याख्याओं पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इसके लिए आयकर एक्ट, 2025 में शेड्यूल III में संशोधन किया गया है, जो इस एक्ट के प्रावधानों को पूरी तरह मेल कराता है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स
एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे जमीन मालिकों को सुरक्षा मिली है और सरकार भी विकास के लिए जमीन अधिग्रहण आसानी से कर सकेगी। Taxmann रिसर्च के अनुसार, पहले कुछ मामलों में केवल कृषि भूमि पर कैपिटल गेन्स टैक्स छूट मिलती थी, लेकिन RFCTLARR एक्ट के तहत मिलने वाली रकम पर साफ छूट नहीं थी। अब बजट 2026 के बदलाव से यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया कि अधिग्रहीत जमीन का मुआवजा टैक्स-फ्री होगा और जमीन मालिकों को किसी भी तरह की टेंशन लेने की जरूरत नहीं।