Advance Tax Deadline: 15 मार्च तक जरूर निपटा लें यह जरूरी काम, वरना ब्याज के साथ देनी पड़ सकती है भारी पेनाल्टी

Advance Tax Deadline: वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए एडवांस टैक्स पेमेंट की आखिरी किस्त की डेडलाइन करीब आ गई है। टैक्सपेयर्स जल्द से जल्द इसका भुगतान करके ब्याज और पेनाल्टी से बच सकते हैं।  

Shivam Shukla
पब्लिश्ड6 Mar 2026, 06:57 AM IST
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Advance Tax Deadline: 15 मार्च तक जरूर निपटा लें यह जरूरी काम
Advance Tax Deadline: 15 मार्च तक जरूर निपटा लें यह जरूरी काम

Advance Tax Deadline 15 March 2026: भारत में फाइनेंशियल ईयर 2025-26 अब अपने अंतिम चरण में है। इसी के साथ टैक्सपेयर्स के लिए एक महत्वपूर्ण डेडलाइन करीब आ रही है। अगर आप भी उन लोगों में शामिल हैं जिनकी सालाना टैक्स देनदारी 10,000 रुपये से ज्यादा बनती है, तो 15 मार्च की तारीख आपके लिए बेहद अहम साबित होने वाली है। इनकम टैक्स के नियमों के मुताबिक, यह चालू फाइनेंशियल ईयर के लिए एडवांस टैक्स की आखिरी किस्त जमा करने की लास्ट डेट है। अक्सर देखा जाता है कि कई टैक्सपेयर्स जानकारी के अभाव में या आलस के चलते इस डेडलाइन को चूक जाते हैं, जिसके बाद उन्हें भारी ब्याज और पेनल्टी देनी पड़ती है।

एडवांस टैक्स क्या है?

एडवांस टैक्स सरकार की तरफ से लागू की गई 'कमाओ और चुकाओ' (Pay-as-you-earn) का एक सिस्टम है। आमतौर पर लोग समझते हैं कि टैक्स का भुगतान केवल साल के अंत में रिटर्न फाइल करते समय ही करना होता है, लेकिन ऐसा नहीं है। अगर किसी व्यक्ति की कुल टैक्स देनदारी (TDS कटने के बाद) एक साल में 10,000 रुपये की सीमा को पार कर जाती है, तो उसे अपनी अनुमानित आय पर किस्तों में टैक्स देना जरूरी होता है। इस व्यवस्था से टैक्सपेयर्स पर एकमुश्त बड़ी रकम चुकाने का बोझ नहीं रहता है और सरकारी खजाने में भी कैश फ्लो सुनिश्चित होता है।

किन टैक्सपेयर्स को देना पड़ता है एडवांस टैक्स?

एडवांस टैक्स के दायरे में बड़े व्यापारियों के साथ-साथ वे वेतनभोगी कर्मचारी भी आते हैं, जिनकी सैलरी के अलावा अन्य सोर्स से भी कमाई होती है। उदाहरण: मान लीजिए आप नौकरी करते हैं। इसके साथ ही आपको मकान का किराया मिलता है, बैंक एफडी से अच्छा ब्याज आता है या फिर आपने शेयर बाजार में निवेश किया है और कैपिटल गेन्स कमाते हैं। ऐसे में आपका एम्प्लॉयर केवल सैलरी पर TDS काट रहा है और अन्य कमाई पर टैक्स की कैलकुलेशन नहीं होती है। इसलिए आपको एडवांस टैक्स का आकलन करना होगा।

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सीनियर सीटिजन टैक्सपेयर्स को छूट

हालांकि, इनकम टैक्स नियमों में सीनियर सीटिजन टैक्सपेयर्स को थोड़ी राहत दी गई है। लेकिन उनकी कमाई का स्रोत केवल पेंशन, किराया या ब्याज होना चाहिए। अगर 60 साल से अधिक उम्र का कोई भी टैक्सपेयर एक्टिव रूप से कोई बिजनेस चला रहा है या किसी प्रोफेशनल इनकम से जुड़ा, तो उसे भी सामान्य करदाताओं की तरह समय पर एडवांस टैक्स की किस्तें जमा करनी होंगी।

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कब और कितना करना होता है भुगतान?

आयकर विभाग ने पूरे साल के दौरान एडवांस टैक्स चुकाने के लिए एक साफ स्ट्रक्चर तैयार किया है। इसे चार किस्तों में बांट दिया है, जिससे करदाता पर वित्तीय दबाव न पड़े।

5 जून तक: कुल अनुमानित टैक्स का कम से कम 15% हिस्सा जमा करना होता है।

5 सितंबर तक: कुल टैक्स का 45% हिस्सा (पिछली किस्त मिलाकर) जमा करना होता है।

15 दिसंबर तक: कुल टैक्स का 75% हिस्सा (पिछली किस्त मिलाकर) जमा करना होता है।

15 मार्च तक: कुल टैक्स का 100% यानी पूरा भुगतान करना होता है।

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एडवांस टैक्स की डेडलाइन चूक जाए तो क्या होगा?

बता दें कि अगर आप डेडलाइन चूक जाते हैं तो आपको ब्याज या पेनाल्टी का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल, इनकम टैक्स विभाग धारा 234B और 234C के तहत ब्याज वसूलता है। धारा 234C के तहत किस्तों में देरी के लिए जुर्माना लगाया जाता है, जबकि 31 मार्च तक कुल टैक्स का कम से कम 90% भुगतान न किए जाने पर धारा 234B लागू होती है। इन दोनों ही स्थितियों में टैक्सपेयर्स को बकाया भुगतान पर 1% प्रति महीने की दर से ब्याज देना होता है।

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घर बैठे ऐसे करें एडवांस टैक्स का भुगतान

एडवांस टैक्स का पेमेंट करने के लिए करदाताओं को कहीं जाने की जरूरत भी नहीं है। इसके लिए इनकम टैक्स डिपॉर्टमेंट के ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाकर 'e-Pay Tax' ऑप्शन चुनें। इसके बाद 'Challan 100' (Advance Tax) को चुनकर अपनी जानकारी भरें। नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड या UPI के माध्यम से भुगतान कर सकते हैं। भुगतान के बाद मिलने वाली रसीद या चालान को संभाल कर रखें। क्योंकि इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते समय इसकी जानकारी देना जरूरी होती है।

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