ईरान युद्ध का असर गहराने लगा है। भारत में अब विमानों का ईंधन 25% महंगा हो गया है। भारत सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी है। मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमत दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है। एटीएफ के दाम बढ़ने का असर हवाई यात्रा पर भी पड़ने की आशंका है क्योंकि कंपनियां अपनी बढ़ी हुई लागत निकालने के लिए टिकट के दाम बढ़ा सकती हैं।
1 अप्रैल से दोगुनी से भी ज्यादा महंगाई का अनुमान
पेट्रोलियम मंत्रालय ने अपने एक्स हैंडल पर एटीएफ के दरें बढ़ने की जानकारी दी है। उसने कहा, 'भारत में एटीएफ की कीमतों का निर्धारण वर्ष 2001 से सरकारी नियंत्रण से मुक्त है। तब से यह हर महीने अंतरराष्ट्रीय मापदंडों पर आधारित फॉर्म्युले से तय होता है। होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने और वैश्विक ईंधन बाजार में असामान्य परिस्थितियों के कारण घरेलू बाजार में एटीएफी की कीमतें 1 अप्रैल से 100% से भी ज्यादा बढ़ने का अनुमान था।'
सरकारी कंपनियों ने अपने हिस्से लिया बोझ
मंत्रालय ने आगे कहा कि सरकारी कंपनियों ने इसका बड़ा हिस्सा खुद ही वहन करने का फैसला किया है ताकि विमान कंपनियों पर कम से कम बोझ पड़े। उसने कहा, 'घरेलू यात्रा की लागत को अंतरराष्ट्रीय कीमतों में हुई भारी बढ़ोतरी से बचाने के लिए, पेट्रोलियम मंत्रालय की पीएसयू ऑइल मार्केटिंग कंपनियों ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय से सलाह करके, एयरलाइंस पर केवल 25% (15 रुपये/लीटर) की आंशिक और चरणबद्ध बढ़ोतरी ही लागू की है।'
विदेशी रूट के विमानों को राहत नहीं
मंत्रालय ने कहा कि भारत के अंदर विमान संचालन के लिए एटीएफ के दाम भले 25% ही बढ़ाए गए, लेकिन इंटरनैशनल रूट के विमानों को बढ़ी हुई कीमतों में कोई छूट नहीं मिलेगी। मंत्रालय ने कहा कि चूंकि वो विदेश में एटीएफ महंगी कीमतों में ही खरीद रहे हैं, इसलिए उन्हें भारत में भी अंतरराष्ट्रीय दरों के आधार पर ही भुगतान करना होगा।
मंत्रालय ने अपने एक्स पोस्ट में कहा, 'विदेशी मार्गों पर एटीएफ की कीमतों में हुई पूरी बढ़ोतरी का भुगतान करना होगा, जो दुनिया के अन्य हिस्सों में उनके द्वारा किए जाने वाले भुगतान के अनुरूप होगा।'
महंगी होगी घरेलू यात्रा, विदेश यात्रा तो बहुत महंगी?
जैसा कि ऊपर बताया गया है कि सरकार ने घरेलू विमानों के लिए एटीएफ की दरों में 75% वृद्धि अपने सर लेने की बात कही है, लेकिन 25% बढ़ी हुई कीमत का असर तो टिकट पर पड़ेगा ही। हां, इतना जरूर है कि डोमेस्टिक एयर टिकट में बेतहाशा वृद्धि होने के आसार नहीं रह गए जबकि इंटरनैशनल रूटों के लिए इसकी आशंका पैदा हो गई है।
देखना होगा कि इंटरनेशनल एयर टिकट अब दोगुनी कीमतों में मिलेंगी? एयरलाइंस कंपनियों को इस तरफ बहुत सोच-समझकर फैसला लेना होगा क्योंकि टिकट जितने ज्यादा महंगे होंगे, यात्रियों की संख्या पर उतना ज्यादा असर देखने को मिल सकता है।