
भारत की बदलती वित्तीय स्थिति में हाल के RBI सर्वे के अनुसार, 80 फीसदी से ज़्यादा शहरी भारतीय अपनी रिटायरमेंट सुरक्षा के लिए अपनी निजी बचत पर निर्भर हैं। इस क्षेत्र में दो प्रमुख निवेश विकल्प सबसे ज़्यादा लोकप्रिय हैं जोकि एन्युटी प्लान और फिक्स्ड डिपॉज़िट हैं। दोनों ही सुरक्षित और भरोसेमंद हैं, लेकिन इनका उद्देश्य अलग-अलग होता है।
एन्युटी प्लान एक बीमा कंपनी के साथ कॉन्ट्रैक्ट होता है, जिसमें आप एकमुश्त रकम जमा करते हैं और बदले में आपको नियमित अंतराल पर जीवनभर या तय समय तक आय मिलती रहती है। दूसरी ओर, फिक्स्ड डिपॉज़िट एक समय-सीमा वाली बचत योजना होती है जिसमें आपको तय ब्याज दर पर गारंटीड रिटर्न मिलता है।
रिटायरमेंट की योजना बनाते समय इन दोनों की तुलना समझना बहुत जरूरी है खासकर तब जब औसतन एन्युटी रेट लगभग 6.9 फीसदी और प्रमुख बैंकों के लॉन्ग-टर्म FD रेट करीब 6.5 फीसदी हैं।
एन्युटी प्लान आपकी पर्सनल पेंशन स्कीम की तरह होता है। आप या तो एक बार में पैसा लगाते हैं या किस्तों में निवेश करते हैं। इसके बाद बीमा कंपनी आपकी उम्र, निवेश राशि और उस समय की ब्याज दर के आधार पर आपको हर महीने या साल नियमित भुगतान करती है।
इमीडिएट एन्युटी (Immediate Annuity) – निवेश के तुरंत बाद भुगतान शुरू।
डिफर्ड एन्युटी (Deferred Annuity) – भुगतान कुछ समय बाद शुरू होता है।
लाइफ एन्युटी (Life Annuity) – जीवनभर नियमित भुगतान मिलता है।
जॉइंट लाइफ एन्युटी (Joint Life Annuity) – आप और आपके जीवनसाथी दोनों के लिए सुरक्षा।
मुख्य फायदा: अगर आप 100 साल तक भी जीवित रहते हैं, तो भी आपकी आय बंद नहीं होती।
ध्यान दें: एक बार एन्युटी भुगतान शुरू हो जाने के बाद, आमतौर पर आप अपना मूलधन वापस नहीं निकाल सकते।
फिक्स्ड डिपॉज़िट या FD भारत में सबसे भरोसेमंद निवेश माना जाता है। इसमें आप एक तय समय के लिए पैसा जमा करते हैं और उस पर निश्चित ब्याज प्राप्त करते हैं चाहे बाजार की स्थिति कुछ भी हो।
FD पर टैक्स: हर साल FD से मिलने वाला ब्याज टैक्सेबल होता है। अगर ब्याज ₹40,000 (वरिष्ठ नागरिकों के लिए ₹50,000) से अधिक हो, तो TDS कटता है।
एन्युटी पर टैक्स: एन्युटी से मिलने वाली आय आपकी सामान्य आय में जुड़ जाती है और उसी के अनुसार टैक्स देना होता है। यहां TDS नहीं कटता।
एक समझदारी भरा रिटायरमेंट प्लान दोनों को मिलाकर बनाया जा सकता है। पहले FD से आपातकालीन फंड बनाइए, फिर धीरे-धीरे रिटायरमेंट के पास पहुंचने पर एन्युटी प्लान में निवेश करें।
(डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। यह किसी प्रकार की वित्तीय या निवेश सलाह नहीं है। निवेश करने से पहले अपने जोखिम प्रोफाइल का मूल्यांकन करें और योग्य वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। बाजार की स्थितियां और नियम समय-समय पर बदल सकते हैं।)
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