FD Vs RD: अपनी कमाई को बचाने के लिए, निवेश के कई सारे तरीके मार्केट में मौजूद हैं, जिसमें शॉर्ट टर्म में जल्दी में मुनाफा कमाने के लिए स्टॉक का ऑप्शन है। वहीं लंबी अवधि के निवेश के लिए बैंक FD और आरडी जैसी स्कीम्स में पैसे लगा सकते हैं। ऐसे में अगर पर कम से कम 5 सालों के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो यह दोनों आपके लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं। आइए समझते हैं कि आप किसमें और कहां निवेश करके ज्यादा लाभ कमा सकते हैं।
बैंक एफडी
FD में निवेश करने की बात हो तो उसमें निवेशक एकमुश्त निवेश कर सकते हैं। सराकरी बैंकों के साथ-साथ प्राइवेट बैंकों में एफडी कर सकते हैं। बैंक एफडी में अलग अलग बैंक अलग अलग ब्याज दर से रिटर्न देते हैं। वहीं अवधि के हिसाब से भी ब्याज दरें अलग अलग होती हैं। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI की एफडी की बात करें तो इस बैंक की ब्याज दरें 3.05 फीसदी से 6.60 फीसदी तक हैं। अमूमन एफडी पर आरडी स्कीम के मुकाबले ज्यादा ब्याज मिलता है। वहीं, इसमें एक बार में निवेश होता है और सालाना फिक्स ब्याज मिलता रहता है।
रेकरिंग डिपॉजिट (RD)
रेकरिंग डिपॉजिट (RD) को किसी भी मायने में एफडी से कम नहीं आंक सकते हैं। यह भी अति सुरक्षित निवेश में एक माना जाता है। एफडी में जहां एक ही बार पूरी राशि जमा करनी होती है। वही रेकरिंग डिपॉजिट में बार-बार पैसा जमा कर सकते हैं। एक अवधि निश्चित होती है जिसमें इसकी पूरी राशि जमा कर देनी होती है।
अंत में आरडी मैच्योर होने पर बैंक आपको मूलधन के साथ ब्याज की राशि लौटा देते हैं। इसकी बड़ी खासियत यह है कि आप चाहें तो हर महीने 100 रुपये से कम या ज्यादा पैसा जमा कर सकते हैं। अगर आप कम दिनों के लिए कोई वित्तीय लक्ष्य तय करते हैं, तो आरडी को सबसे अच्छा जरिया मान सकते हैं। पूंजी की सुरक्षा को देखते हुए एफडी की तरह आरडी भी लोगों में बेहद लोकप्रिय है।
FD और RD में कहां मिलेगा बंपर रिटर्न
अगर आप 5 साल की एफडी में 8 लाख रुपये निवेश करते हैं, तो 6.05 फीसदी के हिसाब से कुल 2.80 लाख रुपये का ब्याज मिलेगा। वहीं अगर पोस्ट ऑफिस की आरडी में 8 लाख रुपये निवेश करते हैं, तो 6.7 फीसदी के हिसाब से 1.47 लाख रुपये का रिटर्न मिलेगा। पोस्ट ऑफिस में रिटर्न कम होने का कारण यह है कि आप इसमें इकट्ठा नहीं बल्कि हर महीने थोड़ा थोड़ा निवेश करते हैं।