Bank Vs Corporate FD: फिक्स्ड डिपॉजिट की बात जब भी शुरु होती है तो लोग बैंकों की ओर रूख करते हैं। वहीं बैंकों की तरह ही कॉरपोरेट एफडी (Corporate FD) भी होती है। कॉरपोरेट एफडी या कंपनी एफडी को कंपनी टर्म डिपॉजिट के रूप में भी जाना जाता है। यह एक फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम होती है। इसमें बैंक एफडी के कुछ ज्यादा ब्याज मिलता है। आम तौर पर नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियां, कॉरपोरेट एफडी ऑफर करती हैं। हालांकि, इसमें बैंक FD के मुकाबले जोखिम भी रहता है। इसकी वजह ये है कि ये निजी कंपनियों द्वारा ऑफर की जाने वाली स्कीम है।
कई निवेशकों को कॉरपोरेट एफडी और बैंक एफडी के बीच चुनाव करते समय दुविधा का सामना करना पड़ता है। हालांकि दोनों ही आपकी बचत को बढ़ाने का मकसद रहता है, लेकिन निर्णय लेने से पहले आपको इन दोनों एफडी के बीच कुछ महत्वपूर्ण अंतर जानना बेहद जरूरी है।
जानिए कॉरपोरेट FD क्या है
जिस तरह से बैंक एफडी बैंकों में की जाती है। ठीक उसी तरह कॉर्पोरेट एफडी कॉरपोरेट कंपनियों द्वारा प्रदान की जाती हैं । यह एफडी गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों द्वारा प्रदान की जाती है। कॉरपोरेट एफडी बैंक एफडी की ही तरह होती है, लेकिन बैंक एफडी के मुकाबले कॉरपोरेट एफडी में ब्याज दरें अधिक होती हैं। कंपनियां फंड जुटाने के लिए FD लॉन्च करती है। इन पर ब्याज दरें बैंक FD के मुकाबले 1 से 1.50 फीसदी तक ज्यादा हो सकती है। इनकी फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम का वैल्यूएशन ICRA, CARE और CRISIL सहित कई रेटिंग एजेंसियां करती हैं। उस आधार पर रेटिंग देती हैं। इनमें भी अलग अलग टेन्योर के लिए निवेश का विकल्प मिलता है।
कॉरपोरेट एफडी पर क्यों रहती है शंका?
कॉरपोरेट एफडी का बीमा नहीं होता है। लिहाजा जोखिम और ज्यादा बढ़ जाता है। नामी-गिरामी क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों से अच्छी क्रेडिट वाली कॉरपोरेट एफडी में निवेश का विकल्प काफी हद तक सुरक्षित माना जा सकता है। इस तरह बैंक एफडी कम जोखिम में कम रिटर्न और कॉरपोरेट एफडी अधिक जोखिम में अधिक रिटर्न मिलता है।
कॉर्पोरेट या बैंक एफडी कौन है बेहतर?
अगर आप ज्यादा रिटर्न पाने के लिए रिस्क ले सकते हैं तो आप कॉरपोरेट एफडी में अपना पैसा निवेश कर सकते हैं। हालांकि, कॉरपोरेट एफडी में निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति और प्रतिष्ठा की जांच पड़ताल करना बेहद जरूरी है। इसके अलावा अगर आप सुरक्षित निवेश चाहते हैं, तो आप बैंक एफडी में अपने पैसों को निवेश कर सकते हैं।
(Disclaimer: ये कोई निवेश सलाह नहीं है बल्कि सिर्फ एक जानकारी है। रुपये-पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लें।)