Gold Selling Tips: धनतेरस और दिवाली पर अधिकांश भारतीयों के घर में सोना खरीदने की परंपरा है। इस बार भी सोने की खूब खरीदारी हुई है। किसी ने गहने खरीदे तो कुछ ने सोने के सिक्के। लेकिन अब जब त्योहार खत्म हो गया है, तो क्या ये सोना सिर्फ अलमारी में बंद रहेगा या इससे कुछ फायदा भी होगा? चलिए बताते हैं कि कैसे इस सोने का समझदारी से इस्तेमाल करके आप अपनी आर्थिक स्थिति को बेहतर बना सकते हैं।
निवेश के तौर पर सोना
भारत में सोना सिर्फ जूलरी नहीं, एक भरोसेमंद निवेश भी माना जाता है। अगर आपने फिजिकल गोल्ड खरीदा है, तो इसे अपनी सेविंग्स स्ट्रेटेजी का हिस्सा बनाएं। आप Gold ETFs या डिजिटल गोल्ड जैसे विकल्पों पर विचार कर सकते हैं, जो फिजिकल गोल्ड से ज्यादा सुविधाजनक होते हैं।
बिना सोना बेचे कमाए पैसा
अगर आप सोना बेचना नहीं चाहते, तो उसे लीज पर देकर भी कमाई कर सकते हैं। जैसे SafeGold जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आप अपना सोना ज्वैलर्स को वर्किंग कैपिटल के तौर पर दे सकते हैं। इसके बदले आपको सालाना 2% से 5% तक का रिटर्न मिलता है, वो भी सोने के ग्राम में।
गोल्ड लोन से पाएं फटाफट कैश
अगर आपको पैसों की जरूरत है, तो सोना बेचने की बजाय आप इसके बदले लोन ले सकते हैं। बैंक और NBFCs आमतौर पर सोने की मार्केट वैल्यू का 85% तक लोन देते हैं। अगर लोन ₹5 लाख से ज्यादा है, तो ये लिमिट 75% तक हो जाती है। सोना बैंक के पास सुरक्षित रहता है और EMI देकर आप इसे वापस ले सकते हैं।
Gold Monetisation Scheme: सोना जमा करो, ब्याज कमाओ
सरकार की गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम (GMS) के तहत आप अपने गहनों, सिक्कों या सोने की ईंटों को बैंक में जमा कर सकते हैं। इसमें आपको सालाना 2.25% से 2.5% तक ब्याज मिलता है। मार्च 2025 से मीडियम और लॉन्ग टर्म डिपॉजिट बंद हो चुके हैं, लेकिन 1 से 3 साल की शॉर्ट टर्म स्कीम अभी भी चालू है। यानी ये सोना बस पड़ा न रहकर आपको रिटर्न देता है।
सोना बेचने के लिए सही समय का करें इंतजार
अगर आप सोना बेचना चाहते हैं, तो मार्केट की चाल पर नजर रखना जरूरी है। खरीदते वक्त जो मेकिंग चार्ज और प्रीमियम दिया गया था, वो रीसेल पर असर डालता है। इसलिए सही समय पर बेचना ही समझदारी है। त्योहारों के बाद अक्सर सोना सालों तक अलमारी में पड़ा रहता है, जबकि उसका सही इस्तेमाल आपकी फाइनेंशियल हेल्थ को मजबूत बना सकता है।
तो दिवाली का सोना सिर्फ लॉक करके मत रखिए। सही प्लानिंग से सोना सिर्फ सजावट नहीं, आपके आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने का टूल बन सकता है।