Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को संसद में केंद्रीय बजट 2026–27 पेश करेंगी। यह उनका लगातार नौवां बजट होगा। ऐसे समय में यह बजट आ रहा है, जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव, अमेरिका की टैरिफ नीतियां और घरेलू स्तर पर मांग को मजबूत करने की जरूरत भारत के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई है। ऐसे में कहा जा रहा है कि इस बार के बजट में सरकार ग्रामीण योजनाओं पर अपना फोकस बढ़ा सकता है।
दरअसल, सरकार 2026-27 के आने वाले बजट में अहम योजनाओं के लिए आवंटन में डबल-डिजिट ग्रोथ के साथ ग्रामीण इलाकों पर अपना फोकस और मज़बूत करने की योजना बना रही है। इकोनॉमिक टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक, ग्रामीण मंत्रालय के पास इस फाइनेंशियल ईयर के लिए 1.88 लाख करोड़ रुपये का बजट है, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 8% ज्यादा है।
11% बढ़ सकता है ग्रामीण योजनाओं का बजट
सूत्रों के मुताबिक, एक नए कानून के तहत ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के लिए 2026-27 में मौजूदा साल के संशोधित अनुमान से करीब 11% ज्यादा पैसा बढ़ाया जा सकता है। वहीं, ग्रामीण आवास और ग्रामीण सड़कों की योजनाओं में इससे भी ज्यादा बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है।
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अभी कितना है बजट?
मौजूदा वित्त वर्ष के लिए, सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी योजना (MGNREGS) के लिए 86,000 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के लिए 54,832 करोड़ रुपये और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के लिए 19,000 करोड़ रुपये का बजट रखा था। कुल मिलाकर, इन तीनों योजनाओं का इस वित्त वर्ष में ग्रामीण विकास मंत्रालय के कुल खर्च में 85% हिस्सा था।
हाई मल्टीप्लायर प्रभाव
विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी VB-G RAM G योजना के लिए 2026-27 में 95,000 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च का अनुमान है। यह योजना MGNREGS की जगह लेगी। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने अगले फाइनेंशियल ईयर के लिए बजट में अच्छी बढ़ोतरी की मांग की है। अगले साल अहम योजनाओं के बजट में इस साल के संशोधित अनुमान के मुकाबले डबल-डिजिट बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।