Budget 2026: देश का आम बजट (Budget 2026) आने वाला है और पूरे देश की निगाहें इसमें होने वाले ऐलानों पर रहेंगी। वित्त मंत्री निर्मला सीारमण 1 फरवरी 2026 को इसे संसद में पेश करेंगी। बजट से जुड़ी कुछ खास बातों पर गौर करें, तो इसमें इसे पेश करने से पहले हलवा सेरेमनी की परंपरा शामिल है, इसका खास महत्व है। आज (27 जनवरी 2026) वित्त मंत्रालय में हलवा सेरेमनी का आयोजन किया जाएगा।
हलवा सेरेमनी के इस कार्यक्रम में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ बजट तैयार करने से जुड़े कई सीनियर अधिकारी और कर्मचारी शामिल होंगे। हलवा सेरेमनी के दौरान वित्त मंत्री खुद अपने हाथों से अन्य बजट कर्मचारियों को हलवा परोसती हैं। इस रस्म में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट निर्माण में जुटे अधिकारियों और कर्मचारियों का मुंह मीठा कराकर बजट छपाई के काम की शुरुआत करेंगी।
वित्त मंत्रालय के कर्मचारी हो जाएंगे कैद
भारतीय परंपरा के अनुसार, किसी भी बड़े कार्य से पहले मीठा खाना शुभ माना जाता है, लेकिन प्रशासनिक नजरिए से इस सेरेमनी का महत्व कहीं अधिक गहरा है। हलवा सेरेमनी केवल एक रस्म नहीं, बल्कि बजट की गोपनीयता की शुरुआत का आधिकारिक संकेत है। हलवा सेरेमनी के तुरंत बाद बजट निर्माण से सीधे तौर पर जुड़े लगभग 60 से 70 अधिकारी और कर्मचारी ‘लॉक-इन’ पीरियड में चले जाते हैं।
आखिर क्यों होते हैं कैंद?
ये अधिकारी अब सीधे 1 फरवरी को बजट पेश होने के बाद ही नॉर्थ ब्लॉक से बाहर निकलेंगे। अगले कुछ दिनों तक ये कर्मचारी अपने परिवार से भी नहीं मिल पाएंगे और न ही फोन या इंटरनेट के जरिए बाहरी दुनिया से संपर्क कर सकेंगे। यह कड़ा पहरा इसलिए रखा जाता है ताकि टैक्स स्लैब या सरकारी योजनाओं से जुड़ी कोई भी संवेदनशील जानकारी समय से पहले लीक न हो जाए। हालांकि मंत्रालय पिछले साल कर्तव्य भवन में शिफ्ट हो गया था, लेकिन नई बिल्डिंग में लॉजिस्टिक्स की दिक्कतों के कारण 2026-27 का बजट नॉर्थ ब्लॉक प्रेस में ही प्रिंट किया जाएगा।
कब खत्म होता है लॉक - इन पीरियड
बजट हलवा सेरेमनी एक पारंपरिक कार्यक्रम है जो आमतौर पर केंद्रीय बजट पेश होने से कुछ दिन पहले होता है। इस सेरेमनी के दौरान, वित्त मंत्री की ओर से कर्मचारियों और अधिकारियों को बांटा जाता है। यह कार्यक्रम बजट के 'लॉक-इन' पीरियड की शुरुआत का प्रतीक है। जैसे वित्त मंत्री बजट भाषण शुरू करते हैं तो लॉक -इन पीरियड खत्म हो जाता है। हलवा सेरेमनी केंद्रीय बजट तैयार करने में कर्मचारियों की कड़ी मेहनत के लिए आभार जताने का भी एक तरीका है।
कब और कैसे शुरू हुई ये परंपरा?
हलवा सेरेमनी कई दशकों पुरानी परंपरा है, जो आजादी के बाद से बजट प्रक्रिया का हिस्सा बनी हुई है और हर साल दोहराई जाती है।