Budget 2026 Expectations: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को यूनियन बजट 202627 पेश करेंगी। इस बार बजट ऐसे समय आ रहा है जब दुनिया भर में आर्थिक अनिश्चितता, अमेरिका के टैरिफ का असर और भू-राजनीतिक तनाव चिंता का विषय बने हुए हैं। ऐसे में यह बजट न सिर्फ अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला माना जा रहा है, बल्कि सरकार के विकसित भारत 2047 के विजन की दिशा में भी एक अहम कदम होगा। हर सेक्टर की बजट से अपनी - अपनी उम्मीदें टिकी हुई हैं। ऐसे ही लॉजिस्टिक्स सेक्टर की भी इस बार के बजट से काफी उम्मीदें हैं।
एक मजबूत लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर एक बिना किसी रूकावट वाली सप्लाई चेन को बनाये रखने के लिए अहम है। पिछली बार बजट 2025 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इंडिया पोस्ट को एक लॉजिस्टिक्स फर्म में बदलने का ऐलान किया था। यह कदम सरकार की प्रमुख सुधार योजनाओं का हिस्सा है, जिससे डाक सेवाओं को आधुनिक बनाने की तैयारी की गई थी। इसे डिजिटल युग के मुताबिक तैयारी पर जोर दिया गया था।
जानिए एक्सपर्ट की राय
एक्सप्रेस इंडस्ट्री काउंसिल ऑफ इंडिया के CEO विजय कुमार का कहना है कि भारत को टिकाऊ एक्सपोर्ट और बेहतर ई-कॉमर्स क्रॉस बॉर्डर ट्रेड के लिए यूनियन बजट 2026 में ढांचागत रूप से मजबूत एक्सप्रेस लॉजिस्टिक्स फ्रेमवर्क बनाना चाहिए जो डिजिटल और रिस्क मैनेज्ड कस्टम प्रक्रिया पर आधारित हो। वित्त वर्ष 2025 में लगभग 9 अरब डॉलर है। इसके वित्त वर्ष 2030 तक दोगुना से ज्यादा बढ़कर 22 अरब डॉलर तक पहुंचने की संभावना है। इससे 70 लाख रोजगार पैदा होंगे। ऐसे में रेगुलेटरी का एलाइनमेंट होना इस सेक्टर के लिए बेहद जरूरी है। वहीं ₹10 लाख की एक्सपोर्ट वैल्यू लिमिट जैसी पुरानी पाबंदियों को खत्म करने की मांग की है।
लॉजिस्टिक्स सेक्टर की ये डिमांड
लॉजिस्टिक्स और ट्रेड से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा इस बात पर निर्भर करेगी कि कार्गो मूवमेंट कितना तेज और भरोसेमंद होता है। बाजारों को भी बजट से उम्मीदें हैं. निवेशकों को इनकम टैक्स में राहत, करीब ₹11.512 लाख करोड़ के खर्च और फिस्कल डेफिसिट को 4.4% के आसपास रखने की उम्मीद है। कुल मिलाकर, बजट 2026 से यह अपेक्षा की जा रही है कि वह ग्रोथ, रोजगार और इनोवेशन तीनों को नई गति देगा।