Budget 2026 Mobile Rate Cut: बजट 2026 में सरकार ने स्मार्टफोन से जुड़े टैक्स और ड्यूटी स्ट्रक्चर में कुछ अहम बदलाव किए हैं, जिनका मकसद एक तरफ उपभोक्ताओं को राहत देना है, तो दूसरी तरफ भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को मजबूत करना है।
इंपोर्टेड फोन होंगे सस्ते?
बजट 2026 की सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाली घोषणाओं में से एक है इंटरनेशनल ट्रैवलर्स के पर्सनल बैगेज पर कस्टम ड्यूटी में कटौती। अब विदेश से लाए जाने वाले सामान पर ड्यूटी 20 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी कर दी गई है। इसका सीधा फायदा उन लोगों को मिलेगा जो विदेश से स्मार्टफोन खरीदकर भारत लाते हैं। खासतौर पर प्रीमियम स्मार्टफोन्स जैसे iPhone और हाई-एंड Galaxy मॉडल अब पहले के मुकाबले कम कीमत में मिल सकते हैं।
मेड इन इंडिया फोन्स: मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगा सपोर्ट
सरकार ने देश में स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों को राहत देने के लिए भी कदम उठाए हैं। बजट 2026 में बैटरी और कुछ जरूरी कैपिटल गुड्स पर कस्टम ड्यूटी कम की गई है, जो मोबाइल फैक्ट्रियां लगाने और चलाने में इस्तेमाल होते हैं। इससे कंपनियों की इनपुट कॉस्ट घटेगी और लंबे समय में इसका फायदा भारतीय बाजार में मोबाइल की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
कब तक घटेंगी कीमतें?
हालांकि बजट में कई राहतें दी गई हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि स्मार्टफोन की कीमतें तुरंत गिर जाएंगी। दुनियाभर में अभी भी मेमोरी चिप्स की कमी बनी हुई है, जिसकी वजह AI डेटा सेंटर्स और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग है। इसके अलावा, आज के स्मार्टफोन में एडवांस्ड AI प्रोसेसर, ज्यादा RAM और पावरफुल हार्डवेयर इस्तेमाल हो रहा है, जिससे लागत बढ़ती जा रही है।
इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम को मिलेगा लंबा फायदा
बजट 2026 में ₹40,000 करोड़ की इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम को विस्तार देने की घोषणा भी की गई है। इस पर CynLr के फाउंडर Gokul NA का कहना है कि यह बजट देश के इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है। उनके मुताबिक, इससे हार्डवेयर और डीप-इंजीनियरिंग स्टार्टअप्स को भारत में ही ग्लोबल लेवल की टेक्नोलॉजी डिजाइन और डेवलप करने का मौका मिलेगा, और अहम कंपोनेंट्स के लिए विदेश पर निर्भरता कम होगी।
बजट 2026 स्मार्टफोन यूजर्स के लिए उम्मीद जरूर जगाता है, लेकिन तुरंत सस्ते फोन की गारंटी नहीं देता। इंपोर्टेड फोन खरीदने वालों को तात्कालिक राहत मिल सकती है, जबकि मेड-इन-इंडिया स्मार्टफोन्स के दाम में कमी का असर धीरे-धीरे देखने को मिलेगा।