Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आम बजट पेश कर चुकी हैं। इस बजट में भले ही टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया हो, लेकिन सीनियर सिटीजन्स को बड़ी राहत दी गई है। इसमें सीनियर सिटीजन्स के लिए टैक्स कंप्लायंस को आसान बना दिया गया है। अब बॉन्ड, डिबेंचर और अन्य डिमैट में रखी गई सिक्योरिटीज से मिलने वाले ब्याज पर TDS से बचने के लिए Form 15H बार-बार जमा नहीं करना होगा। सरकार का कहना है कि इसका मकसद उन निवेशकों को राहत देना है, जिनकी अलग-अलग कंपनियों में कई सिक्योरिटीज हैं।
कुल मिलाकर सरकार के इस फैसले से सीनियर सिटीजन्स को बार बार Form 15H नहीं जमा करना पड़ेगा। अभी तक उन्हें हर जगह जमा करना पड़ता था। बता दें कि सीनियर सिटीजन्स आमतौर पर Form 15H का इस्तेमाल इनकम के लिए करते हैं।
बजट में Form 15H के लिए नया नियम
बजट 2026 में Form 15H के लिए सरकार ने एक नियम बदला है। अब तक स्थिति यह थी कि अगर कोई निवेशक अलग-अलग कंपनियों या बॉन्ड में निवेश करता था, तो उसे हर एक संस्था के पास अलग-अलग Form 15H जमा करना पड़ता था लेकिन अब निवेशक को बार बार Form 15H जमा नहीं करना पड़ेगा।
नए नियम के तहत, अब निवेशक को Form 15H सिर्फ एक बार अपने डिपॉजिटरी (NSDL या CDSL) के पास जमा करना होगा। डिपॉजिटरी यह जानकारी अपने आप उन सभी कंपनियों और बॉन्ड इश्यूअर्स तक पहुंचा देगी, जहां निवेशक ने निवेश किया है। यह बदलाव मुख्य रूप से डिमैट में रखे गए निवेशों पर लागू होगा।
जानिए क्या है फॉर्म 15 H
60 साल या उससे ज्यादा उम्र के लोगों के लिए फॉर्म 15H होता है। अगर किसी सीनियर सिटीजन की कुल टैक्स योग्य आय बेसिक टैक्स छूट सीमा से कम है, तो वह यह फॉर्म जमा करके यह अनुरोध कर सकते हैं कि उनकी ब्याज आय पर TDS न काटा जाए।