Budget 2026: जैसे-जैसे 1 फरवरी 2026 की तारीख नजदीक आ रही है, नौकरीपेशा से लेकर आम लोगों की नजर सीधे इनकम टैक्स पर टिक गई है। वजह ये है कि पिछले बजट में सरकार ने न्यू टैक्स रिजीम (New Tax Regime) को डिफॉल्ट बना दिया था। इसके बाद भले ही ओल्ड टैक्स रिजीम (Old Tax Regime) का ऑप्शन अभी मौजूद है, लेकिन सरकार का इशारा साफ था कि आगे का रास्ता नया टैक्स सिस्टम ही होगा। करीब 95 फीसदी लोग न्यू टैक्स रिजीम (New Tax Regime) में शिफ्ट हो चुके हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि ओल्ड टैक्स रिजीम (Old Tax Regime) का भविष्य क्या होगा?
सवाल यह है कि क्या ओल्ड टैक्स रिजीम पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। इस बारे में जानकारों का मानना है कि इस बजट में ओल्ड टैक्स रिजीम को पूरी तरह खत्म करने की संभावना कम है, लेकिन इसे धीरे-धीरे अप्रासंगिक बनाने की रणनीति जरूर अपनाई जा सकती है। वैसे भी नए टैक्स रिजीम में भारी भरकम बदलाव किए गए हैं। ऐसे में सरकार का रूख साफ है कि वह एक सरल, कम छूट वाला और कम विवाद वाला टैक्स सिस्टम चाहती है।
क्या ओल्ड टैक्स रिजीम मिडिल क्लास के लिए जरूरी है?
न्यू टैक्स रिजीम भले आसान लगे, लेकिन आज भी बड़ी संख्या में मिडिल क्लास परिवार ओल्ड टैक्स रिजीम पर निर्भर हैं। 80C में निवेश, 80D के तहत हेल्थ इंश्योरेंस, होम लोन पर ब्याज और HRA जैसे फायदे असल टैक्स बोझ को काफी कम कर देते हैं। जिन लोगों ने लंबे समय के लिए निवेश और लोन प्लान किए हैं, उनके लिए अचानक सिस्टम बदलना आसान नहीं है। इस मामले में जानकारों का मानना है कि इस बजट में सरकार न्यू टैक्स रिजीम को और लोकप्रिय बनाने के लिए कदम उठा सकती है, ताकि बाकी टैक्सपेयर्स भी ओल्ड टैक्स रिजीम को छोडकर नए में शिफ्ट हो जाएं।
क्या ओल्ड टैक्स रिजीम हो जाएगा खत्म?
जानकारों का कहना है कि बजट 2026 में ओल्ड टैक्स रिजीम को एकदम से खत्म करने की संभावना न के बराबर है। सरकार इसे पूरी तरह खत्म करने के बजाय धीरे-धीरे चरणबद्ध तरीके से कम प्रासंगिक बनाने की दिशा में काम करेगी।
ओल्ड टैक्स रिजीम खत्म होने पर ऐसे लोग होंगे प्रभावित
1. मेट्रो शहरों में सैलरीड कर्मचारी, जो HRA, LTA और अन्य सैलरी छूटों का लाभ लेते हैं।
2. होम लोन लेने वाले लोग सेक्शन 24(b) पर ब्याज और 80C की छूट से बाहर हो जाएंगे।
3. मिडिल से हाई इनकम वाले लोग जो 80C, 80D, एजुकेशन लोन का ब्याज जैसी छूटों से टैक्स प्लानिंग करते हैं।
4. इसके अलावा वरिष्ठ नागरिक जो मेडिकल इंश्योरेंस और अन्य छूटों पर निर्भर रहते हैं।
5. न्यू रिजीम उन लोगों के लिए फायदेमंद है जिनके पास कम छूटें हैं, लेकिन अधिक छूट वाले टैक्सपेयर्स के लिए टैक्स बोझ बढ़ सकता है।