Budget 2026: जैसे-जैसे यूनियन बजट 2026 नज़दीक आ रहा है, भारत के वित्तीय सेवा और स्टार्टअप इकोसिस्टम में उम्मीदें तेज़ी से बढ़ रही हैं। नियोग्रोथ नाम की कंपनी ने अपनी नई रिपोर्ट ‘नियोइनसाइट्स’ में बताया है कि माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSMEs) वाले ज्यादातर लोग 2026 में अपने बिजनेस को आगे बढाने की उम्मीद कर रहे हैं। इस सर्वे में 25 से ज्यादा शहरों के 2,000 से अधिक MSMEs से बात की गई है।
बिजनेस स्टैंडर्ड में छपी खबर के मुताबिक, इस रिपोर्ट में कहा गया है कि करीब 86 फीसदी MSMEs ने उम्मीद जताई है कि अगले साल उनका बिजनेस अच्छा चलेगा। पिछले कुछ महीनों में ही 80 फीसदी लोगों ने कहा कि उनका कारोबार पहले से बेहतर हो गया है। त्योहारों के सीजन में अच्छी मांग आई, कैश फ्लो सुधरा और GST में हुए बदलावों (जिसे GST 2.0 कहा जा रहा है) से काफी फायदा हुआ। इसी वजह से अब लोग ज्यादा आत्मविश्वास महसूस कर रहे हैं।
MSMEs ने की यह प्लानिंग
MSMEs अब सिर्फ टिकने की नहीं, बल्कि बढ़ने की सोच रहे हैं। सर्वे में शामिल 71 फीसदी से ज्यादा लोगों ने कहा कि वे अपनी दुकान का विस्तार करेंगे या फिर एक और नई दुकान खोल सकते हैं। इसका मतलब यह हुआ कि फिजिकल स्टोर पर भरोसा अभी भी कायम है। साथ ही 30 फीसदी लोग नए प्रोडक्ट्स या ब्रांड्स जोड़ने की तैयारी में हैं, ताकि ग्राहकों को ज्यादा विकल्प मुहैया कराए जा सकें।
बजट 2026 से क्या उम्मीदें?
MSMEs सेक्टर के लोग वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण से ऐसी चीजें चाहते हैं जो उनके ऑपरेशंस को आसान बनाएं और बिजनेस चलाने में कोई रुकावट न आए। 25 फीसदी लोगों की मांग है कि सरकारी स्कीम्स तक पहुंच आसान होनी चाहिए। GST और दूसरे कंप्लायंस को और आासन करने की बात भी सामने आई है। MSMEs चाहते हैं कि बजट में डिजिटल कैपेसिटी बिल्डिंग पर फोकस हो, वर्किंग कैपिटल आसानी से मिले और सरकार का सपोर्ट जारी रहे।