8th Pay Commission Approved: 8वां वेतन आयोग का इंतजार कर रहे केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ा अपडेट आया है। केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग के लिए टर्म ऑफ रेफरेंस (Tor) को मंजूरी दे दी है। इससे 50 लाख केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनधारियों को फायदा होगा। केंद्रीय कैबिनेट मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि 8वें वेतन आयोग के 1 जनवरी 2026 से लागू होने की संभावना है।
आयोग को मिला 18 महीने का वक्त
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में ये फैसला लिया गया। ये आयोग एक अस्थायी निकाय होगा, जिसमें एक अध्यक्ष, एक अंशकालिक सदस्य और एक सदस्य-सचिव शामिल होंगे। आयोग को अपनी सिफारिशें 18 महीनों के भीतर देनी होंगी। जरूरत पड़ने पर आयोग कुछ मामलों में अंतरिम रिपोर्ट भी दे सकता है।
क्या होता है ToR?
8वें वेतन आयोग में Terms of Reference यानी ToR के तहत आयोग को ये देखना होगा कि केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारियों को मिलने वाला वेतन, भत्ता और बाकी सुविधाएं मौजूदा हालात के हिसाब से ठीक हैं या नहीं। इसके साथ ही आयोग को देश की आर्थिक स्थिति, बजट की सीमाएं और राज्य सरकारों पर पड़ने वाले असर को भी ध्यान में रखना होगा। उसे ये भी समझना होगा कि निजी और सरकारी कंपनियों में कर्मचारियों को क्या सुविधाएं मिल रही हैं।
7वां वेतन आयोग कब लागू हुआ था?
केंद्र सरकार सरकारी कर्मचारियों के वेतन में संशोधन के लिए हर 10 साल में वेतन आयोग का गठन करती है। पिछली बार साल 2014 में 7वें वेतन आयोग का गठन हुआ था और 1 जनवरी 2016 से उसकी सिफारिशें लागू की गई थीं। इस बार न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई को 8वें वेतन आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि आईआईएम बैंगलोर के प्रोफ़ेसर पुलक घोष और पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव पंकज जैन को सदस्य नियुक्त किया गया है।