DA Hike News: देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों की निगाहें महंगाई भत्ता (DA) में बढ़ोतरी पर टिकी हुई हैं। हर साल होली के आसपास इसका ऐलान हो जाता है, लेकिन इस बार कोई पक्की खबर नहीं आई है। केंद्र सरकार हर साल महंगाई भत्ता (DA) में दो बार संशोधन करती है। पहली बढ़ोतरी आमतौर पर होली के आसपास घोषित की जाती है, जबकि दूसरी बढ़ोतरी दिवाली के आसपास होती है। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई। इस बैठक में इन्फ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्रियल ग्रोथ को लेकर कई अहम फैसले लिए गए। अब सवाल है कि क्या सरकार ने इस दौरान महंगाई भत्ता बढ़ोतरी को लेकर भी कोई अपडेट जारी की? आइए जानते हैं।
BHAVY योजना को मंजूरी
कैबिनेट ने भारत औद्योगिक विकास योजना यानी भव्य (BHAVY) को मंजूरी दे दी है। इस योजना के लिए 33,660 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया गया। इसके तहत, पूरे भारत में 100 प्लग-एंड-प्ले इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जाएंगे। इन पार्कों की खासियत यह होगी कि यहां कंपनियां बिना किसी लंबी तैयारी के सीधे अपना उत्पादन शुरू कर सकेंगी। सरकार इन पार्कों में सड़क, पानी, बिजली और वेस्ट मैनेजमेंट जैसी तमाम बुनियादी सुविधाएं पहले से ही तैयार रखेगी। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, इस पहल से न केवल निवेश बढ़ेगा, बल्कि करीब 15 लाख लोगों को सीधे तौर पर रोजगार मिलने का अनुमान है।
इन योजनाओं को भी मंजूरी
इसके साथ ही सरकार ने भारतीय कपास निगम (CCI) को 2023-24 के सीजन के दौरान न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर की गई खरीद के नुकसान की भरपाई की मंजूरी दी। इसके लिए 1,718.56 करोड़ रुपये की प्रतिपूर्ति को मंजूर किया गया। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के बाराबंकी-बहराइच खंड को फोर लेन का बनाने का फैसला लिया गया है। वहीं, ग्रामीण इलाकों में बिजली की समस्या दूर करने और पर्यावरण को बचाने के लिए लघु जलविद्युत विकास योजना पर भी मुहर लगाई गई।
DA पर क्या रहा सरकार का स्टेटस?
इन तमाम बड़े फैसलों के बीच सरकार की तरफ से महंगाई भत्ते को लेकर कोई अपडेट नहीं दी गई। वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को 58 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता और महंगाई राहत (DR) मिल रही है। साल 2026 की पहली छमाही के लिए इसमें बढ़ोतरी का प्रस्ताव लंबे समय से लंबित है। आमतौर पर सरकार मार्च के महीने में डीए बढ़ोतरी की घोषणा कर देती है, जिसे जनवरी से प्रभावी माना जाता है। इस बार देरी की वजह से कर्मचारियों के बीच बेचैनी बढ़ गई है। हालांकि, जानकारों का मानना है कि कैबिनेट की अगली बैठकों में इस पर विचार किया जा सकता है।