NPS & UPS: केंद्र सरकार ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) के तहत केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए दो और निवेश विकल्पों का सुझाव दिया है। इसमें पहले 'लाइफ साइकल' और दूसरा 'बैलेंस्ड लाइफ साइकल' है। ऐसे में ब केंद्र सरकार के कर्मचारी NPS और UPS के तहत कई निवेश विकल्पों में से इसे चुन सकते हैं। वित्त मंत्रालय ने बताया है कि NPS और UPS स्कीम में दो नए निवेश विकल्प लाइफ साइकल (Life Cycle) और बैलेंस्ड लाइफ साइकल (Balanced Life Cycle) को मंजूरी दी गई है।
वित्त मंत्रालय ने कहा कि ये विकल्प रिटायरमेंट प्लानिंग में फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाने और कर्मचारियों को अपनी जरूरतों के हिसाब से अपने रिटायरमेंट फंड को मैनेज करने की अनुमति देने के लिए तैयार किए गए हैं। पहले प्राइवेट सेक्टर के लोग ही ज्यादा विकल्पों का फायदा उठा पाते थे, लेकिन अब सरकारी कर्मचारी भी वैसा ही आसान ऑप्शन चुन सकेंगे। वित्त मंत्रालय ने कहा कि ये बदलाव कर्मचारियों की पुरानी मांग को पूरा करते हैं, जहां वे अपने पेंशन पैसे पर ज्यादा कंट्रोल चाहते थे।
रिटायरमेंट फंड के लिए ये हैं दो ऑप्शन
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये नए विकल्प रिटायरमेंट फंड को उम्र और रिस्क के हिसाब से मैनेज करने में मदद करेंगे। एनपीएस और यूपीएस में अब कई रास्ते हैं। पहला डिफॉल्ट ऑप्शन है, जो पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीएफआरडीए) से तय होता रहता है। दूसरा स्कीम-जी है, जिसमें 100 फीसदी पैसे सरकारी सिक्योरिटीज में लगेंगे, जो कम रिस्क वाला और फिक्स्ड रिटर्न देता है। फिर आता है लाइफ साइकल (एलसी-25), जहां इक्विटी में सबसे ज्यादा 25 फीसदी निवेश हो सकता है। ये 35 साल की उम्र से शुरू होकर 55 साल तक धीरे-धीरे कम होता जाता है। एलसी-50 में इक्विटी 50 फीसदी तक सीमित है, जो भी 35 से 55 साल के बीच घटता है।
आसान भाषा में कहें तो लाइफ साइकल निवेश विकल्प में इक्विटी में अधिकतम 25% निवेश किया जा सकता है, जो 35 साल की उम्र से 55 साल की उम्र तक धीरे-धीरे कम होता जाता है, जबकि बैलेंस्ड लाइफ साइकल निवेश विकल्प में इक्विटी में निवेश 45 साल की उम्र से कम होना शुरू होता है, इसमे कर्मचारी चाहें तो ज्यादा समय तक इक्विटी में निवेशित रहने का मौका मिलता है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, ये नए विकल्प न सिर्फ पेंशन स्कीम को अधिक व्यक्तिगत और अनुकूल बनाएंगे, बल्कि कर्मचारियों को अपनी रिटायरमेंट के लिए बेहतर वित्तीय सुरक्षा तैयार करने में भी मदद करेंगे।