स्मॉल बिजनेस के लिए पैसों की है कमी? इस सरकारी योजना से मिलेगा सहारा

Government Loan Schemes: क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी स्कीम (CLCSS) सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को मशीनरी अपग्रेड करने के लिए वित्तीय सहायता मुहैया कराई जाती है। इस योजना के तहत उद्यमियों को पूंजीगत निवेश पर सब्सिडी मिलती है। इससे अपने बिजनेस का विस्तार कर सकते हैं।

Jitendra Singh
अपडेटेड2 Apr 2026, 04:38 PM IST
CLSS Scheme: मशीनरी खरीदने पर 15% सब्सिडी मिलती है।
CLSS Scheme: मशीनरी खरीदने पर 15% सब्सिडी मिलती है।

CLSS Scheme: माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज यानी MSME को भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहा जाता है। देश की GDP में इनका योगदान लगभग 30 प्रतिशत है और यह सेक्टर 11 करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार देता है। गांव से लेकर शहर तक छोटे उद्योग, दुकानें, सर्विस प्रोवाइडर और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स इसी श्रेणी में आते हैं। भारत के समग्र आर्थिक विकास और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को पूरा करने में एमएसएमई की भूमिका बेहद अहम है। ऐसे में इस सेक्टर के लिए सरकार की ओर से कई तरह की योजनएं चलाई जा रही हैं। इसमें क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी स्कीम भी शामिल है।

जो MSME नई और आधुनिक तकनीक अपनाना चाहते हैं, उनके लिए क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी स्कीम (सीएलसीएसएस) बेहद फायदेमंद है। इस योजना के तहत 1 करोड़ रुपये तक के लोन पर 15 प्रतिशत की सब्सिडी मिलती है। इसका मकसद मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स की उत्पादकता बढ़ाना और उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है।

क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी स्कीम में मिलते हैं ये फायदे

इन सबके अलावा, एमएसएमई में इक्विटी की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने फंड ऑफ फंड्स योजना शुरू की है। इस स्कीम का कुल फंड साइज 50 हजार करोड़ रुपये है। इसके जरिए ग्रोथ की क्षमता रखने वाले एमएसएमई को वेंचर कैपिटल और प्राइवेट इक्विटी के जरिए निवेश उपलब्ध कराया जाता है, ताकि वे शेयर बाजार में लिस्ट हो सकें और निजी निवेश आकर्षित कर सकें।

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CLCSS योजना कौन ले सकता है लाभ?

CLCSS योजना का लाभ मुख्य रूप से MSME सेक्टर के उद्यमियों को मिलता है। इस योजना का फायदा उठाने के लिए बिजनेस MSME के तहत रजिस्टर्ड होना चाहिए। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से जुड़ा होना जरूरी है। आप टेक्नोलॉजी अपग्रेड या नई मशीनरी खरीद रहे हैं तो आर्थिक सहायता मिलती है। बैंक से टर्म लोन लिया गया हो।

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किन क्षेत्रों को मिलता है फायदा?

इस योजना के तहत कई इंडस्ट्री सेक्टर शामिल हैं, जैसे:

  • इंजीनियरिंग और ऑटो पार्ट्स
  • टेक्सटाइल और गारमेंट
  • फूड प्रोसेसिंग
  • प्लास्टिक और रबर
  • केमिकल और फार्मा

इन सेक्टरों में काम करने वाले छोटे उद्योग इस योजना का सबसे ज्यादा लाभ उठाते हैं।

CLCSS योजना के लिए कैसे करें अप्लाई

  • किसी बैंक या फाइनेंशियल संस्था से संपर्क करें।
  • मशीनरी खरीदने के लिए टर्म लोन के लिए आवेदन करें।
  • CLCSS योजना के तहत सब्सिडी का विकल्प चुनें।
  • जरूरी दस्तावेज जमा करें।
  • बैंक आपकी पात्रता जांचेगा।
  • लोन अप्रूवल के बाद सब्सिडी प्रोसेस की जाएगी।

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इन डॉक्यूमेंट्स की होगी जरूरत

  • आधार कार्ड और पहचान प्रमाण
  • बिजनेस रजिस्ट्रेशन (Udyam Registration)
  • प्रोजेक्ट रिपोर्ट
  • मशीनरी का कोटेशन
  • बैंक स्टेटमेंट
  • GST रजिस्ट्रेशन (यदि लागू हो)

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