Comex Gold Rate Today: ग्लोबल मार्केट में हो रही बड़ी हलचल का असर अब सोने और चांदी की कीमतों पर साफ दिखाई देने लगा है। इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमतों में गिरावट आई है। वहीं भारतीय बाजार एमसीएक्स पर भी सोने के दाम में गिरावट आई है। इसकी वजह यह थी कि एक तरफ अमेरिकी डॉलर मज़बूत हो रहा था, तो दूसरी तरफ निवेशकों ने मुनाफ़ा कमाने के लिए अपनी होल्डिंग बेच दी। इसके अलावा, अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष-विराम को लेकर चिंताएं बनी रहीं और कच्चे तेल की कीमतों में एक फ़ीसदी की बढ़ोतरी हुई।
इंटरनेशनल मार्केट यानी कॉमेक्स पर मौजूदा समय में स्पॉट गोल्ड में 13 डॉलर से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली। इसमें 0.28 फीसदी की गिरावट के साथ 4,804.70 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता नजर आया। सोने का आज हाई 4,820 डॉलर प्रति औंस रहा। वहीं आज इसका लो लेवल 4,752.70 डॉलर प्रति औंस रहा। कॉमेक्स पर आज सोने की शुरुआत 4,790.50 डॉलर प्रति औंस से हुई। कॉमेक्स कल सोना 4,790 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ।
सोना खरीदें या बेचें
इंटरनेशनल मार्केट में सोने का पहला रजिस्टेंस 4,807.07 डॉलर प्रति औंस पर है। इसका पहला सपोर्ट लेवल 4,776,87 डॉलर प्रति औंस पर है। यहां पर सोने में तेजी के संकेत मिल रहे हैं। वहीं सोने का दूसरा रजिस्टेंस 4,820 डॉलर पर है। इसका दूसरा सपोर्ट लेवल 4,760 डॉलर पर है यहां भी सोने में तेजी के संकेत मिल रहे हैं। इसी तरह सोने का तीसरा रजिस्टेंस लेवल 4,837 डॉलर प्रति औंस पर है। इसका तीसरा सपोर्ट लेवल 4,746 डॉलर प्रति औंस पर नजर आ रहा है। यहां पर चांदी में गिरावट के संकेत मिल रहे हैं।
घरेलू बाजार में सोने का हाल
सोने-चांदी के भाव में पिछले कई दिनों से उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। डॉलर में मजबूती की वजह से मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने के भाव में गिरावट आई है। गोल्ड जून वायदा में 0.60 फीसदी की गिरावट आई है। यह 1,52,561 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
कच्चे तेल और डॉलर का बाजार पर असर
सोने और चांदी के साथ-साथ कच्चे तेल की कीमतों ने भी सबको चौंका दिया है। कच्चे तेल के दाम 2 से 3 फीसदी तक बढ़ गए हैं और अब यह 96 से 98 डॉलर प्रति बैरल के बीच ट्रेड कर रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में यह तेजी अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन में आने वाली दिक्कतों की वजह से देखी जा रही है। दूसरी ओर, डॉलर इंडेक्स भी अपनी पिछली गिरावट से उबरते हुए 99 के पार निकल गया है। डॉलर की इस रिकवरी और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर भारतीय बाजार की चाल पर पड़ रहा है, जिससे निवेशकों में थोड़ी घबराहट देखी जा रही है।