Comex Gold rate today 13 March 2026: सोना और चांदी आमतौर पर ऐसे समय में मजबूत माने जाते हैं जब दुनिया में तनाव बढ़ता है या निवेशक सुरक्षित निवेश ढूंढते हैं। लेकिन इस हफ्ते की तस्वीर थोड़ी अलग दिख रही है। मिडिल ईस्ट में तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के बावजूद कीमती धातुओं की कीमतों में खास मजबूती नहीं दिखी।
असल वजह है मजबूत अमेरिकी डॉलर और ब्याज दरों में कटौती को लेकर बढ़ती अनिश्चितता, जिसने सोना और चांदी दोनों पर दबाव बना दिया है। शुक्रवार 13 मार्च के कारोबार में भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में दोनों धातुओं की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत में गिरावट
अंतरराष्ट्रीय बाजार में COMEX गोल्ड के अप्रैल फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट में शुक्रवार को बड़ी गिरावट देखी गई। कारोबार के दौरान सोने की कीमत $59 प्रति ट्रॉय औंस गिरकर करीब $5,066 के दिन के निचले स्तर तक पहुंच गई। इस गिरावट के साथ सोना लगातार तीसरे दिन कमजोर रहा। अगर साप्ताहिक रुझान देखा जाए तो सोना लगातार दूसरे सप्ताह नुकसान की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है।
चांदी की चमक भी पड़ी फीकी
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी दबाव देखने को मिला। कॉमेक्स सिल्वर के मई फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट में गिरावट दर्ज की गई और यह $3.60 गिरकर $81.51 प्रति ट्रॉय औंस तक पहुंच गया। पूरे हफ्ते की बात करें तो चांदी की कीमत अब तक करीब 2.11% तक नीचे आ चुकी है। इससे पहले पिछले हफ्ते भी चांदी में करीब 9.6% की गिरावट दर्ज की गई थी। कुल मिलकर वैश्विक बाजार में आज सोने और चांदी, दोनों ने ही गोता लगाया है।
क्या है कीमतों में गिरावट की वजह
आमतौर पर जब दुनिया में तनाव बढ़ता है, तो लोग सोने को सुरक्षित निवेश मानकर इसमें पैसा लगाते हैं। लेकिन इस बार कहानी थोड़ी अलग है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे महंगाई बढ़ने का डर पैदा हो गया है। इस डर ने निवेशकों को 'सुरक्षित ठिकाने' के तौर पर अमेरिकी डॉलर की ओर मोड़ दिया है।
आज के कारोबार में अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 100 के स्तर को पार कर गया है, नवंबर 2025 के बाद यह पहली बार है जब डॉलर इतना मजबूत हुआ है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो दूसरे देशों की करेंसी रखने वालों के लिए सोना खरीदना महंगा हो जाता है, जिससे इसकी डिमांड घट जाती है और दाम गिरने लगते हैं।
MCX पर सोने-चांदी के भाव
भारतीय बाजार यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी आज जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली। घरेलू बाजार में आज सोना 1,507 रुपये प्रति 10 ग्राम की भारी गिरावट के साथ 1,58,764 रुपये के निचले स्तर पर आ गया। चांदी की कीमतों में तो और भी बड़ी गिरावट आई। चांदी 7,210 रुपये प्रति किलो लुढ़ककर 2,60,752 रुपये के भाव पर पहुंच गई। इस हफ्ते सोना करीब 1.54% और चांदी 2.19% तक सस्ती हो चुकी है।
महंगाई का डेटा और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक
निवेशकों की नजरें अब 17 मार्च को होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक पर टिकी हैं। हाल ही में आए महंगाई के आंकड़ों (PCE इन्फ्लेशन) ने संकेत दिया है कि कीमतें काबू में आ रही हैं, लेकिन अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल में आए उछाल ने समीकरण बिगाड़ दिया है। अमेरिकी जीडीपी (GDP) ग्रोथ के आंकड़े भी उम्मीद से काफी कम (0.7%) रहे हैं। अब देखना यह होगा कि अमेरिकी सेंट्रल बैंक ब्याज दरों पर क्या फैसला लेता है। अगर ब्याज दरों में कटौती में देरी होती है, तो सोने की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है।
आगे क्या रहेगा सोने-चांदी का रुख
फिलहाल बाजार कई बड़े आर्थिक संकेतों का इंतजार कर रहा है। अमेरिकी डॉलर की मजबूती, ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव- ये सभी कारक कीमती धातुओं की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले दिनों में सोना और चांदी दोनों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, खासकर जब तक फेड की नीति और वैश्विक हालात साफ नहीं हो जाते।
(रॉयटर्स से प्राप्त इनपुट्स के साथ)