Silver Rate Today, 18 March 2026: सोने और चांदी की कीमतों में आज एक सीमित दायरे में कारोबार होता नजर आ रहा है। दुनिया भर के बाजारों की नजर इस वक्त अमेरिका के फेडरल रिजर्व की ओर से आने वाले ब्याज दरों के फैसले पर टिकी है। इसके साथ ही मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने भी निवेशकों के मन में चिंता पैदा कर दी है। महंगाई बढ़ने के खतरे और युद्ध की खबरों के बीच सोना-चांदी को हमेशा से एक सुरक्षित निवेश माना जाता है। हालांकि इंटरनेशनल मार्केट में आज (18 मार्च 2026) चांदी के दाम में गिरावट देखने को मिली है।
कॉमेक्स पर चांदी की कीमत 80 डॉलर प्रति औंस के नीचे पहुंच गई। कल कॉमेक्स और एमसीएक्स पर तेजी देखने को मिली थी लेकिन आज चांदी में गिरावट आई है। मौजूदा समय में इंटरनेशनल मार्केट में चांदी 1.986 डॉलर प्रति औंस गिरकर यानी 2.48 फीसदी गिरकर 77.935 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही है। चांदी का आज हाई लेवल 80.320 डॉलर प्रति औंस रहा। वहीं इसका निचला स्तर 75.635 डॉलर प्रति औंस रहा। चांदी की आज शुरुआत (ओपनिंग) 79.390 डॉलर प्रति औंस से हुई।
चांदी खरीदें ये बेचें
इंटरनेशनल मार्केट में चांदी की कीमतों में गिरावट के संकेत मिल रहे हैं। चांदी का पहला रजिस्टेंस 79.642 डॉलर प्रति औंस और पहला सपोर्ट लेवल 79.987 डॉलर प्रति औंस पर है। इस लेवल में चांदी में बिक्री के संकेत मिल रहे हैं। वहीं चांदी का दूसरा रजिस्टेंस 80.045 डॉलर प्रति औंस पर है। इसका दूसरा सपोर्ट लेवल 78.735 डॉलर प्रति औंस पर है। इस लेवल में चांदी में गिरावट के संकेत मिल रहे हैं। इसी तरह चांदी का तीसरा रजिस्टेंस 80.297 डॉलर प्रति औंस और तीसरा सपोर्ट लेवल 78.332 डॉलर प्रति औंस है। इस लेवल में भी चांदी में गिरावट के संकेत मिल रहे हैं।
मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव बना कारण
मिडिल ईस्ट में चल रहा युद्ध अब तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है, जिसका असर ग्लोबल मार्केट पर साफ दिख रहा है। अमेरिका और इजरायल की ओर से रात भर किए गए हमलों और ईरान के नेशनल सिक्योरिटी चीफ अली लारीजानी की मौत की पुष्टि होने के बाद माहौल काफी तनावपूर्ण बना हुआ है। ईरान ने भी पलटवार करते हुए खाड़ी क्षेत्र में एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के जरिए होने वाला शिपिंग का काम भी लगभग ठप पड़ा है। इस तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमतें काफी ऊपर चली गई हैं, जिससे दुनिया भर में महंगाई बढ़ने का डर पैदा हो गया है। जब भी महंगाई बढ़ती है, तो निवेशक सोने की तरफ ज्यादा आकर्षित होते हैं।
फेडरल रिजर्व की मीटिंग ने बदला रुख
आज होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की पॉलिसी मीटिंग पर पूरी दुनिया के निवेशकों की नजर है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि फेडरल रिजर्व फिलहाल ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। महंगाई की बढ़ती रफ्तार और लेबर मार्केट में आई थोड़ी सुस्ती को देखते हुए केंद्रीय बैंक अभी ब्याज दरें घटाने के मूड में नहीं लग रहा है। जब ब्याज दरें ज्यादा होती हैं, तो सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं पर थोड़ा दबाव रहता है, क्योंकि इन पर निवेशकों को कोई अलग से ब्याज नहीं मिलता है।