
Silver Rate Today 6 March 2026: अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार में चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। इंटरनेशनल मार्केट कॉमेक्स (COMEX) में सिल्वर के दाम बढ़ने के बाद इसका असर भारतीय वायदा बाजार MCX (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) पर भी दिखाई दिया है। निवेशकों की बढ़ती मांग, डॉलर की चाल और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के कारण चांदी की कीमतों में मजबूती बनी हुई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार कॉमेक्स में चांदी के फ्यूचर्स की कीमत में अच्छी तेजी दर्ज की गई है। ताजा कारोबारी सत्र में कॉमेक्स पर सिल्वर का भाव लगभग 83.67 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया। पिछले कारोबारी सत्र में चांदी का बंद भाव करीब 82.55 डॉलर प्रति औंस था। इस तरह कॉमेक्स पर चांदी की कीमत में लगभग 1.12 डॉलर प्रति औंस की बढ़त दर्ज की गई है। मई का चांदी फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट भी $3.15 प्रति ट्रॉय औंस मजबूत होकर दिन के सबसे ऊंचे स्तर $85.33 पर पहुंच गया।
कॉमेक्स में आई तेजी का असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की कीमतों में बढ़त दर्ज की गई। MCX पर चांदी का भाव लगभग 2,65,000 रुपये से 2,67,000 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार करता देखा गया। कुछ सत्रों में इसमें करीब 1 से 2 फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई। बाजार से जुड़े जानकारों का कहना है कि भारत में चांदी की कीमतें काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुख पर निर्भर करती हैं। अगर कॉमेक्स में तेजी आती है तो MCX पर भी कीमतों में बढ़त देखने को मिलती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी का असर देश के सर्राफा बाजारों में भी दिखाई दे रहा है। देश के कई प्रमुख शहरों में चांदी का खुदरा भाव लगभग 2,80,000 रुपये से 2,85,000 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार करता देखा गया। हालांकि अलग-अलग शहरों में कीमतों में थोड़ा अंतर हो सकता है, क्योंकि इसमें टैक्स, ट्रांसपोर्ट और स्थानीय मांग का भी असर पड़ता है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे कई प्रमुख कारण हैं।
दुनिया के कई हिस्सों में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। ऐसे समय में सोना और चांदी की मांग बढ़ जाती है।
जब अमेरिकी डॉलर कमजोर होता है तो कीमती धातुएं अन्य देशों के निवेशकों के लिए सस्ती हो जाती हैं। इससे इनकी मांग बढ़ती है और कीमतों में तेजी आती है।
चांदी का इस्तेमाल सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडिकल उपकरण और इलेक्ट्रिक वाहनों में तेजी से बढ़ रहा है। बढ़ती औद्योगिक मांग भी कीमतों को समर्थन दे रही है।
कमोडिटी बाजार में निवेशकों की बढ़ती भागीदारी और फ्यूचर्स ट्रेडिंग में बड़ी पोजीशन बनने से भी कीमतों में तेजी देखी जाती है।
कमोडिटी विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। वैश्विक आर्थिक आंकड़े, केंद्रीय बैंकों की नीतियां और डॉलर की चाल बाजार की दिशा तय करेंगे। अगर वैश्विक अनिश्चितता बनी रहती है और औद्योगिक मांग मजबूत रहती है तो चांदी की कीमतों में आगे भी तेजी देखने को मिल सकती है।
हालांकि डॉलर के मजबूत होने या ब्याज दरों में बढ़ोतरी की स्थिति में कीमतों पर दबाव भी बन सकता है। कुल मिलाकर देखा जाए तो फिलहाल कॉमेक्स और MCX दोनों बाजारों में चांदी की कीमतों में तेजी का दौर बना हुआ है और निवेशकों की नजर वैश्विक आर्थिक संकेतों पर टिकी हुई हैं।
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